'आतंकियों के समर्थक देशों को कतई बर्दाश्त न करे अंतरराष्ट्रीय समुदाय', बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ के साथ भारत-अमेरिका रक्षा समझौते की प्रगति की समीक्षा की और आतंकवाद समर्थक देशों के प्रति शून्य-सहिष्णुता का आह्वान किया।

आतंकियों के समर्थक देशों को कतई बर्दाश्त न करे अंतरराष्ट्रीय समुदाय-राजनाथ
HighLights
राजनाथ सिंह ने भारत-अमेरिका रक्षा समझौते की प्रगति की समीक्षा की।
आतंकवाद समर्थक देशों के प्रति 'शून्य-सहिष्णुता' का रुख अपनाने पर जोर।
अमेरिकी मंत्री ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन दिया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने 10 वर्षीय भारत-अमेरिका रक्षा रूपरेखा समझौते की प्रगति की समीक्षा की। इस समझौते का उद्देश्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, सूचना साझा करने और सैन्य साजोसामान के संयुक्त उत्पादन में रणनीतिक तालमेल को आगे बढ़ाना है।
वहीं, सिंह ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उन देशों के प्रति 'अडिग और कतई बर्दाश्त नहीं करने वाला रुख' अपनाना चाहिए, जो आतंकी संगठनों को समर्थन और प्रशिक्षण देते हैं या उनकी फंडिंग करते हैं।
फिलीपींस के सेबू में रक्षा मंत्रियों की आसियान बैठक से इतर बुधवार को राजनाथ से बातचीत में अमेरिकी मंत्री हेगसेथ ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में अमेरिका की अटूट एकजुटता और पूर्ण समर्थन को दोहराया। वह 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में हिस्सा लेने के लिए फिलीपींस आए हैं।
भारत की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत की स्थिति और तेजी से बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य की भी समीक्षा की। बातचीत का मुख्य केंद्र पिछले साल अक्टूबर में हुए भारत-अमेरिका रक्षा रूपरेखा समझौते के कार्यान्वयन की प्रगति का जायजा लेना रहा।
राजनाथ ने कहा, 'हमारी मजबूत साझेदारी स्वतंत्र, खुले और सुरक्षित हिंद-प्रशांत की आधारशिला बनी हुई है।' अमेरिका के युद्ध मंत्री ने कहा,'हमने अपनी प्रमुख रक्षा साझेदारी की रूपरेखा की पहली वर्षगांठ मनाई और सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।'
भारतीय समुदाय से कहा-भारत अब कमजोर नहीं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय से कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और रक्षा तैयारियां बढ़ी हैं। भारत किसी को उकसाता नहीं, लेकिन उकसाए जाने पर दृढ़ता से जवाब देता है। वैश्विक सहयोग के भारत के दर्शन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा,'भारत एकमात्र ऐसा देश है जो पूरी दुनिया को अपना परिवार मानता है। हम वसुधैव कुटुंबकम की बात करते हैं… हमारा दिल इतना बड़ा है कि नाग पंचमी पर हम सांपों को भी दूध पिलाते हैं।'
सिंह ने कहा, 'दुनियाभर में भारत का सम्मान बढ़ा है। अगर ऐसा नहीं होता तो 35 देशों के नेता हमारे प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित नहीं करते। आज जब भारत बोलता है, तो दुनिया पूरी तन्मयता से सुनती है।'
भारत के आर्थिक विकास पर सिंह ने कहा कि देश फिलहाल दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और अगर पश्चिम एशिया में संकट नहीं आया होता तो हम दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुके होते। हालांकि, यह होकर रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं से चर्चारक्षा मंत्री राजनाथ ने आस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स से भी मुलाकात की। दोनों ने रक्षा सहयोग की समीक्षा, सैन्य तालमेल बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने पर चर्चा की। राजनाथ ने जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ द्विपक्षीय बैठक में कहा, 'भारत और जापान की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी है।'
सोर्स-न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार
