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'शांति चाहते हैं तो युद्ध के लिए तैयार रहें', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश

Published: Sun, 27 Sep 2026 11:16 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि वह अपनी 'सरकारी नीति के तहत ...और पढ़ें

राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश (फाइल फोटो- PTI)

राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को कड़ा संदेश (फाइल फोटो- PTI)

HighLights

  1. पाकिस्तान को आतंकवाद जारी रखने पर भारत की कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

  2. रक्षा मंत्री ने कहा, भारत राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं करेगा।

  3. राजनाथ सिंह ने 'शांति के लिए युद्ध की तैयारी' के महत्व पर जोर दिया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि पड़ोसी देश अपनी "सरकारी नीति के तहत आतंकवाद" जारी रखता है, तो भारत किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने रक्षा नीति का उल्लेख कर दो टूक कहा कि "यदि आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें।" उन्होंने कहा कि भारत किसी भी परिस्थिति में राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को एक समाचार चैनल पर आयोजित रक्षा सम्मेलन में कहा कि भारत संवाद में विश्वास करता है, लेकिन जब कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन और आश्रय देता है, तो चर्चा का दायरा वहीं समाप्त हो जाता है।

पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए सिंह ने कहा, "जब तक हमारा पड़ोसी आतंकवाद की सरकारी नीति जारी रखता है, भारत आतंकवाद के खिलाफ हर प्रकार की कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार है। हम अपने पड़ोसी और दुनिया को यह बताना चाहते हैं।"

सिंह ने कहा,"अंग्रेजी में दो कहावतें हैं। पहली है, यदि आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध के लिए तैयार रहें। अर्थात्, युद्ध न होने के लिए यह आवश्यक है कि युद्ध की तैयारियां पूरी हों। और दूसरी कहावत है कि जितना अधिक आप शांति में पसीना बहाते हैं, उतना ही कम आप युद्ध में खून बहाते हैं।

इसलिए हमने दोनों बातों का ध्यान रखा है। हमारे रक्षा के क्षेत्र में तैयारी पूरी और मजबूत है। और हम इसे और भी मजबूत बनाएंगे।"

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत संघर्ष या किसी अन्य देश की भूमि की मांग नहीं करता। भारत शांति में विश्वास करता है और कभी युद्ध नहीं चाहता। भारत किसी को धमकी भी नहीं देना चाहता।

लेकिन शांति और कायरता के बीच एक अंतर है और पूरी दुनिया को इसे समझना चाहिए। लेकिन जब कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन और आश्रय देता है, तो चर्चा का दायरा वहीं समाप्त हो जाता है।

समझाया "थुसीडाइड्स ट्रैप" का अर्थ

सिंह ने "थुसीडाइड्स ट्रैप" के सिद्धांत का उल्लेख कर भारत की वैश्विक स्थिति का वर्णन कर कहा, "इसका मतलब है कि जब कोई देश उभरता है, तो अक्सर उसका संघर्ष पहले से स्थापित शक्तिशाली देशों के साथ होता है... संशोधनवादी शक्ति और स्थिति-स्थायी शक्ति के बीच संघर्ष लगभग हमेशा होता है; आप विश्व के अतीत के इतिहास को देख सकते हैं।"

इस ढांचे को "संकीर्ण मानसिकता" बताते हुए कहा, "भारत के संदर्भ में यह बात फिट नहीं होती। भारत न तो स्थिति-स्थायी शक्ति है और न ही संशोधनवादी शक्ति। मुझे विश्वास है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं।"

चिप से लेकर जहाज तक सब बना रहे

रक्षा मंत्री ने कहा कि चिप से लेकर जहाजों तक, स्क्रू से लेकर पूर्ण हथियार प्रणालियों तक भारत को रक्षा में आत्मनिर्भर होना चाहिए। भारत घरेलू सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को विकसित करने और महत्वपूर्ण खनिजों में आयात निर्भरता को कम करने के लिए राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन जैसे पहलों के माध्यम से प्रयास चल रहे हैं।

रक्षा मंत्रालय को 2026-27 में 7.85 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिला है। पूंजी अधिग्रहण बजट का 75 प्रतिशत, जो 1.39 लाख करोड़ रुपये है, घरेलू रक्षा उद्योग से खरीद के लिए निर्धारित किया गया है। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)