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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajnath Singh: और मजबूत होगा देश का घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र, राजनाथ सिंह ने किया अहम एलान

By AgencyEdited By: Manish Negi
Published: Wed, 15 Feb 2023 01:46 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस क्षेत्र में खरीद को लेकर बड़ा एलान किया है। राजनाथ ने बुधवार को कहा ...और पढ़ें

मजबूत होगा देश का घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र
मजबूत होगा देश का घरेलू रक्षा विनिर्माण क्षेत्र

बेंगलुरु, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार 2023-24 से घरेलू रक्षा निर्माताओं से खरीद के लिए कुल रक्षा पूंजी परिव्यय का 75 प्रतिशत खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले का मतलब भारतीय निर्माताओं से सैन्य प्लेटफॉर्म और उपकरणों की खरीद के लिए लगभग 100,000 करोड़ रुपये अलग रखना होगा।

DISC का नौवां संस्करण लॉन्च की घोषणा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को डिफेंस इंडिया स्टार्ट-अप चैलेंज (DISC) के नौवें संस्करण के लॉन्च की घोषणा की। उन्होंने येलहंका में चंदन सिंह वायु सेना कन्वेंशन सेंटर में वार्षिक रक्षा नवाचार कार्यक्रम 'मंथन 2023' का उद्घाटन करने के बाद यह घोषणा की।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस यानी iDEX स्टार्ट-अप्स और MSMEs से खरीद के लिए एक सरल और फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी है। सिंह ने कहा, "आईडीईएक्स ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के रास्ते खोल दिए हैं। साथ ही बड़ी परियोजनाओं के विकास में नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए अब तक दिए गए अनुदान में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया है।"

2018 में पहली बार हुआ था डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज

डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चैलेंज को पहली बार 2018 में डिफेंस इनोवेशन ऑर्गनाइजेशन द्वारा रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय और अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग के सहयोग से रक्षा मंत्रालय की iDEX योजना के लिए लॉन्च किया गया था।

स्वदेशी इनोवेशन बढ़ाने के लिए बनाया iDEX

रक्षा मंत्रालय ने रक्षा और एयरोस्पेस में स्वदेशी नवाचार यानी इनोवेशन को प्रोत्साहित करने के लिए iDEX ढांचे की शुरुआत की। केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप यह एजेंसी वित्तीय अनुदान प्रदान करती है, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, आरएंडडी संस्थानों, शिक्षाविदों और कुछ नया करने वालों का समर्थन करती है और उनके उत्पादों को खरीदने की सुविधा प्रदान करती है।