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'रक्षा में आत्मनिर्भरता के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा भारत', स्वावलंबन 2026 में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Published: Mon, 26 Oct 2026 09:34 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है, जिसमें नवोन्मेषक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राजनाथ सिंह ने नवोन्मेषकों को बताया अहम (फोटो-PTI)

राजनाथ सिंह ने नवोन्मेषकों को बताया अहम (फोटो-PTI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की भारत की कोशिशें अब 'दूसरे चरण' में प्रवेश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रयास में नवोन्मेषक 'प्रभावशाली भूमिका' निभाएंगे।

राजनाथ सिंह ने यहां भारतीय नौसेना के वार्षिक संगोष्ठी स्वावलंबन 2026 के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए सोमवार को उन क्षेत्रों की रूपरेखा और लक्ष्य हासिल करने की समयसीमा तय करने का सुझाव भी दिया, जिनमें आत्मनिर्भरता की जरूरत है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भरता हासिल करने की कोशिश में रक्षा क्षेत्र ने पहले चरण में 'अच्छे अंक' हासिल किए हैं और अब वह दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के इस अगले चरण में उच्चस्तरीय और अत्याधुनिक परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण के प्रयासों का लक्ष्य लागत-प्रभावशीलता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और उच्च गुणवत्ता हासिल करना भी होना चाहिए। साथ ही, उत्पादन व्यापक स्तर पर परिचालन संबंधी जरूरतों को पूरा करने वाला हो। सिंह ने कहा कि इस चरण में नवोन्मेषक 'प्रभावशाली भूमिका' निभाएंगे।

मानेकशा केंद्र में नौसेना 26 से दो दिवसीय संगोष्ठी का पांचवां संस्करण आयोजित कर रही है। मंच पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भी मौजूद थे।

'परिचालन क्षमताओं में तेज बदलाव जरूरी'

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने नवाचार को नौसेना की परिचालन क्षमताओं में बदलाव की प्रक्रिया तेज करने की पैरवी की और सभी हितधारकों से प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बने रहने के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नौसेना की क्षमताओं को मजबूत करने को एआई और स्वायत्त प्रणालियों में हुई प्रगति का लाभ उठाना चाहिए।

तकनीकी बढ़त अल्पकालिक हो सकती है: नौसेना उप प्रमुख

नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर ने कहा कि एआई और स्वायत्त प्रणालियों में प्रगति युद्ध के स्वरूप को बदल रही है और परिचालन माहौल तेजी से बदल रहा है। ऐसे में तकनीकी बढ़त अल्पकालिक हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश में ड्रोन का उत्पादन कई गुना बढ़ा है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)