नई दिल्ली, एएनआइ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को नेशनल डिफेंस कालेज (National Defence College) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मास्टर आफ फिलासफी की डिग्री प्राप्त करने वाले सदस्यों को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि महामारी के बावजूद छात्रों ने चुनौतियों को अवसरों में बदल दिया। एनडीसी रणनीतिक मामलों की समझ को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम ज्ञान प्राप्त करने के लिए आपकी खोज को सुविधाजनक बना सकते हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि ज्ञान की भूमिका को किसी देश की सबसे बड़ी सम्पत्ति के रूप में बहुत लंबे समय से महसूस किया गया है। हमने अपने गुरुओं को समाज में सबसे उंचे पायदान पर रखा है। ज्ञान और बुद्धिमता को हमारे समाज में सर्वोच्च गुणों के रूप में माना गया है। बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए श्रीकृष्ण ज्ञान, बुद्धिमत्ता, शासनकला को साथ लाए। हमारा मकसद राष्ट्रीय,अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक संबंध बनाना है। ये सिद्धांत रणनीतिक सोच के मूलतत्व हैं। ये प्राचीन काल में उतने प्रासंगिक थे जितने आज की चुनौतियों से पार पाने के लिए हैं।

अफगानिस्तान के हालात पर रक्षा मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान में हाल की घटनाओं ने हमारे समय की वास्तविकता को उजागर किया है। उभरते भू-राजनीति के बारे में एकमात्र निश्चितता इसकी अनिश्चितता है। राज्य की सीमाओं में परिवर्तन आज उतनी बार नहीं हो सकता जितना पहले हुआ करता था। हालांकि, राज्यों की तेजी से बदलती संरचना और उस पर बाहरी शक्तियों का प्रभाव स्पष्ट रूप से स्पष्ट है। ये घटनाएं सत्ता की राजनीति की भूमिका और राज्य संरचना और व्यवहार को बदलने के लिए एक उपकरण के रूप में आतंकवाद के उपयोग पर सवाल उठाती हैं।

Edited By: Manish Pandey