नई दिल्ली, एएनआइ। मैसूर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एस आनंद कुमार ने कहा है कि हमारे सदस्यों ने राजीव गांधी हत्या मामले की दोषी नलिनी के का केस नहीं लड़ने का फैसला किया है। इस संबंध में हमारी तरफ से एसोसिएशन को एक मांग प्रस्तुत की गई है और इसमें हमारे वकीलों द्वारा उनका प्रतिनिधित्व नहीं करने की अपील की गई है। उन्होंने आगे कहा कि हमने मामले पर चर्चा की है फैसला किया है कि नलिनी का प्रतिनिधित्व नहीं किया जाना चाहिए और ना ही उसे कानूनी सेवाएं दी जानी चाहिए।

बता दें कि मंगलवार को राजीव गांधी हत्या मामले में केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट जा की गई थी। इस पर न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव (L Nageshwar Rao) और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता वाली दो सदस्यीय पीठ ने असंतुष्टि जाहिर की थी। पीठ ने केंद्र से कहा था कि वह एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के जरिए इस रिपोर्ट को तुरंत पेश करें और इस पर बहस हो।

गौरतलब है कि राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी नलिनी इस वक्त उम्रकैद की सजा भुगत रही हैं। पिछले साल वो अपनी बेटी की शादी के दौरान जेल से बाहर आई थी। कोर्ट ने 05 जुलाई, 2019 को उसकी परोल स्वीकार की थी, उस वक्त उन्हें 30 दिन के लिए परोल मिली थी। नलिनी की बेटी लंदन में रहती है। परोल के लिए उसने व्यक्तिगत तौर पर अपनी पैरवी की थी। उन्होंने कहा था कि हर दोषी को दो साल की जेल के बाद एक महीने के लिए साधाराण छुट्टी का हक है और उसने पिछले 27 सालों में एक बार भी छुट्टी नहीं ली है।

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