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राजस्थान हाइ कोर्ट ने मांगी डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट, 29 जून को हुई थी अजमेर जेल में हत्या

Published: Fri, 03 Jul 2026 02:00 AM (IST)

उच्च न्यायालय ने कहा कि घटना के बाद मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि अजमेर जेल में लगे सीसीटीवी ...और पढ़ें

राजस्थान हाइ कोर्ट ने मांगी डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट (फोटो- सोशल मीडिया)

राजस्थान हाइ कोर्ट ने मांगी डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड की रिपोर्ट (फोटो- सोशल मीडिया)

HighLights

  1. कोर्ट ने पूछा - इस घटना के बाद क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई

  2. 29 जून को हुई थी अजमेर जेल में हत्या, बचने के लिए नहीं किया संघर्ष 

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने अजमेर जेल में हुए डकैत जगन गुर्जर हत्याकांड मामले की रिपोर्ट मांगी है। हाइ कोर्ट ने घटना से जुड़े कैमरों की रिकार्डिंग भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने पूछा है कि इस घटना के बाद क्या किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी.शर्मा और मनीष शर्मा की खंडपीठ ने गुरुवार को यह आदेश जेल व्यवस्थाओं में सुधार से जुड़े मामले का स्वप्रेरित संज्ञान लेते हुए दिया।

उच्च न्यायालय ने कहा कि घटना के बाद मीडिया रिपोर्ट से पता चलता है कि अजमेर जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कुछ रिकार्ड ही नहीं हुआ है। उधर गुरुवार को मिली जगन की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उसका दो बार गला दबाया गया था। उसने बचने के लिए संघर्ष तक नहीं किया।

पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में बताया गया कि जगन की हत्या गला दबाने से हुई है। जगन की गर्दन पर करीब 29 सेंटीमीटर लंबा गहरा दबाव का निशान मिला है।

गर्दन के बाएं हिस्से पर मुख्य निशान से नीचे एक और अलग चोट का निशान मिला है। अब यह सवाल उठ रहा है कि जगन ने बचने के लिए संघर्ष क्यों नहीं किया है।

जगन के स्वजन पहले ही उसे जहर देने का आरोप लगा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि जगन की हत्या जेल में 29 जून को उसी की बैरक में रहने वाले कुलदीप ने तौलिए से गला दबाकर की थी।