विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काला हिरण शिकार केस में सलमान खान के खिलाफ SC पहुंची राजस्थान सरकार

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Tue, 18 Oct 2016 06:15 PM (IST)Updated: Wed, 19 Oct 2016 12:40 PM (IST)

जोधपुर हाईकोर्ट ने सलमान खान को इस साल 25 जुलाई को हिरण शिकार मामले में सबूतों के अभाव के चलते बरी कर दिया था।

News Article Hero Image

नई दिल्ली, एएनआई। हिरण शिकार के मामले में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई है। 18 साल पुराने दो मामलों में जोधपुर हाईकोर्ट से बरी हो चुके सलमान खान के खिलाफ राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है।

जोधपुर हाईकोर्ट ने सलमान खान को इस साल 25 जुलाई को हिरण शिकार मामले में सबूतों के अभाव के चलते बरी कर दिया था। हालांकि, राज्य सरकार की तरफ से उसी वक्त ये कहा गया था कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की जाएगी।

सलमान खान पर दो हिरण शिकार के दो मामले चल रहे थे पहला 26-27 सितंबर 1998 को भवड़ में दो हिरण का शिकार करने 28-29 को मठानिया के गोडा फर्म एक और हिरण मारने का आरोप लगाया गया। सलमान उस समय जोधपुर में फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे। सलमान इस मामले में पहले जोधपुर जेल जा चुके हैं।

पढ़ें- सलमान खान ने न्यूज चैनल पर किया 100 करोड़ रुपये की मानहानि का केस

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल की रिपोर्ट पर फॉरेस्ट एंड एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट ने एसएलपी दायर करने के लिए पिछले दिनों लॉ डिपार्टमेंट को सिफारिश भेजी थी। जिसके बाद राजस्थान की सरकार के फैसले के मुताबिक, लॉ डिपार्टमेंट ने रिट दायर करने संबंधी ऑर्डर जारी कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सलमान केस में पिटीशन सुप्रीम कोर्ट में दायर की जा चुकी है। लेकिन, बीच में छुट्टियों की वजह से अभी सुनवाई की तारीख तय नहीं हो सकी है। संभावना है अगले हफ्ते या फिर दीपावली के बाद कोर्ट में सुनवाई हो।

पढ़ें- हिरण शिकार मामले में सलमान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी वसुंधरा सरकार

गौरतलब है कि 25 जुलाई को हाई कोर्ट ने हिरण शिकार के दो मामलों में सलमान खान को बरी कर दिया था। इस निर्णय का वहां का विश्नोई समाज शुरू से विरोध कर रहा है। उसने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस मामले को लेकर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी तो समुदाय यह काम स्वयं करेगा। XXX