नई दिल्ली, पीटीआइ। ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने बुधवार को कहा कि उनका देश कूटनीति में दिलचस्पी रखता है, लेकिन अमेरिका के साथ बातचीत में नहीं। उन्होंने यह बात नई दिल्ली में वैश्विक कूटनीति पर आयोजित कार्यक्रम रायसीना डायलॉग-2020 में कही। बता दें कि ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद अमेरिका और ईरान में तनाव स्थिति बनी हुई है। 

अमेरिका की आलोचना करते हुए जरीफ ने कहा कि सुलेमानी की हत्या ने अज्ञानता और अहंकार दिखाया।रायसीना डायलॉग 2020  में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 430 भारतीय शहरों ने सुलेमानी की हत्या के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखा। ईरान कूटनीति में रुचि रखता है। हमें अमेरिका के साथ बातचीत करने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

अमेरिका ने परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता नहीं रखी

जरीफ ने कहा कि अमेरिका ने परमाणु समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता नहीं रखी। अमेरिकी सौदे को खुद अमेरिका ने तोड़ दिया। यदि हम ट्रंप से सौदा करते है तो यह कब तक चलेगा?हमें इस क्षेत्र में आशा पैदा करने की जरूरत है। हमें निराशा से छुटकारा पाना होगा।

वर्तमान तनावों के कारण ईरान को सैकड़ों अरबों डॉलर का नुकसान हुआ- जरीफ

जरीफ ने इस दौरान कहा कि वर्तमान तनावों के कारण ईरान को सैकड़ों अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सुलेमानी आइएसआइएस के लिए सबसे बड़े खतरा थे। उनकी हत्या पर अब आतंकवादी समूह और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जश्न मना रहे हैं।

विमान मार गिराना गलती थी- जरीफ 

यूक्रेन विमान हादसे पर उन्होंने कहा कि विमान मार गिराना गलती थी। बता दें कि इस हादसे में विमान में सवार सभी 176 लोगों की मौत हो गई थी। सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान और अमेरिका में टकराव पर पूरे विश्व के निगाह के फोकस के बीच जरीफ की यह टिप्पणी आई है। अमेरिका के ड्रोन अटैक में तीन जनवरी के दिन सुलेमानी की मौत हो गई थी। इसके बाद पिछले हफ्ते ईरान ने इराक में तैनात अमेरिकी सेना के दो ठिकानों पर एक दर्जन से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों दागे थे।

लावरोव और डोवाल से मिले जरीफ  

ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने बुधवार को अपने रूसी समकक्ष सगेर्ई लावरोव से मुलाकात की और खाड़ी में विकसित तनाव की स्थिति पर चर्चा की। दोनों के बीच रायसीना डायलॉग-2020 के इतर मुलाकात हुई। इससे जरीफ ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। 

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Posted By: Tanisk

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