रायपुर (जेएनएन)। नक्सली इलाकों में आंख की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए खुशखबरी है। अब इन मरीजों को उपचार के लिए रायपुर नहीं आना पड़ेगा, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग धुर नक्सल इलाकों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टेलीविजन सेंटर खोलने जा रहा है।

टेलीविजन सेंटर के माध्यम से चिकित्सा महाविद्यालय और जिला अस्पताल के डॉक्टर रायपुर में बैठे डॉक्टर उनका उपचार कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रथम चरण में 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टेलीविजन लगवा दिया है। प्रारंभिक रूप से 21 नेत्र चिकित्सकों की टीम को तीन दिन की ट्रेनिंग दी गई है। वहीं सहायक नेत्र चिकित्सकों को एक माह तक मुदराई में ट्रेनिंग दी जा रही है।

गौरतलब है कि ग्रामीण अंचलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नेत्र चिकित्सकों की कमी की वजह से मरीजों को उपचार के लिए रायपुर आना पड़ता है। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण अंचलों के स्वास्थ्य केन्द्रों में नेत्र सहायक बैठते थे, जिससे ग्रामीण अंचल के मरीजों का सही से उपचार नहीं हो पा रहा था।

ऐसे मरीजों को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में उपचार किया जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम काम कर रही थी । लेकिन अब ग्रामीण अंचलों में नेत्र विशेषज्ञों की सेवायें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में टेली विजन सेंटर के माध्यम से दी जा सकेगी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नेत्र सहायक अधिकारी द्वारा रोगियों का परीक्षण कर, टेली कम्युनिकेशन द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय तथा जिला अस्पताल में बैठे नेत्र विशेषज्ञ टीवी की स्क्रीन पर रोगी को देखकर तथा उससे बात कर दवा लिखेंगे, जिसे नेत्र सहायक अधिकारी द्वारा छाप कर रोगी को उपलब्ध कराएगा।

सहायक अधिकारियों की मुदराई में ट्रेनिंग

टेली विजन सेंटर में कार्य करने करने वाले नेत्र सहायक अधिकारियों का एक माह का प्रशिक्षण अरविन्द नेत्र चिकित्सालय, मुदरई में चल रहा है। इसके साथ ही सीजीएमएससी द्वारा नेत्र परीक्षण के लिए सामान को खरीदने का काम शुरू कर दिया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सबसे पहले 12 टेली विजन सेंटर शुरू किए जाएंगे। इससे नक्सल इलाकों में भी नेत्र विशेषज्ञ की सुविधा आसानी से पहुंच सकेगी। इस सुविधा के शुरू होने से बचाव योग्य अंधत्व को कम करने में सहायता मिलेगी। 

Edited By: Sanjay Pokhriyal