रायपुर, जेएनएन। दुनिया को संकट में डालने वाले घातक कोरोना वायरस से जंग जारी है। इस क्रम में भारत में लॉकडाउन लागू है और आपातकाल जैसे हालात हैं। इसके तहत कानून और व्‍यवस्‍था के हालात का जायजा लेती हैं 7 माह की गर्भवती पुलिस अधिकारी अमृता सोरी ध्रुव। राजधानी रायपुर की सड़क पर वे पुलिस की टीम के साथ पैदल ही जायजा लेती हैं।

खुद को कोविड वारियर मानने से इनकार

एडिशनल एसपी (ISU) अमृता सोरी ध्रुव के इस जज्‍बे को देखते हुए उन्‍हें कोविड वारियर कहने से कोई गुरेज नहीं होना चाहिए। हालांकि वे खुद को इसके लिए उचित नहीं मानती हैं। 7 माह की गर्भवती अमृता कहती हैं, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं कोई कोविड वारियर हूं असली वारियर तो सड़को पर तैनात जवान हैं। मैंने देखा है महिलाएं बच्चों को लेकर ड्यूटी कर रही हैं। कोरोना महामारी से जंग लड़ रहे स्वास्थ्य विभाग और पुलिस अफसर, जवान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अस्पतालों में डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टॉफ कोरोना संक्रमित का इलाज करने में दिन रात लगे हुए हैं, वैसे ही पुलिस कानून और व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए दिन और रात सड़क पर तैनात है।’

 

अमृता ने कहा, ‘मैं अपनी ड्यूटी निभा रही हूं और SSP सर के आदेशों का पालन क रही हूं। बचाव ही सुरक्षा है। हम चाहते हैं कि लोग घरों पर रहें.. बेवजह ना निकले.. यह काम सड़कों पर मौजूद जवान सुनिश्चित करते हैं.. मैं उनके साथ होती हूं।’ उन्‍होंने आगे कहा कि सच कहूं तो मैं इन जवानों के मुकाबले कम ही काम करती हूं।

रायपुर में ‘कोरोना वारियर’ अमृता

अमृता सोरी की कुछ तस्वीरें रायपुर पुलिस ने फेसबुक पेज पर शेयर करते हुए उन्हे कोरोना वारियर बताया है। तस्वीर में एक बुजुर्ग को मास्क पहने के लिए वह समझाती नजर आ रही हैं। इस दौरान उनके अन्य सहयोगी भी मौजूद हैं। यह तस्वीर देख हर कोई महिला अफसर के जज्बे को सलाम कर रहा है, लोग सेवा भावना की तारीफ कर रहे हैं। यही नही गर्भवती ASP अमृता सोरी जवानों के बीच जाकर उनका हौसला भी बढ़ा रही हैं।

ड्यूटी है प्राथमिकता

2007 बैच की राज्य पुलिस सेवा की अधिकारी अमृता के पति खनिज विभाग में द्वितीय श्रेणी के अधिकारी हैं। अमृता जैसे अधिकारियों के लिए उनकी ड्यूटी व्यक्तिगत तकलीफों ये कहीं आगे बढकर प्राथमिकताओं में होती है। यह अमृता अपने जज्बे से साबित भी कर रही हैं। खास कर ऐसे समय में जब एक बड़ी आबादी पर गंभीर बीमारी का खतरा मंडरा रहा है, वे लगातार ड्यूटी कर रही हैं।

लोगों को बताया मास्‍क की अहमियत

अमृता चौक-चौराहों पर लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की हिदायत देती हैं। साथ ही लोगों को मास्‍क पहनने की अहमियत समझाती हैं। खुद की चिंता किए बगैर लोगों को सुरक्षा की हिदायत देती हैं ताकि लोग कोरोना वायरस से संक्रमित न हो। कोरोना से जंग लड़ रही अमृता छत्तीसगढ़ की रियल हीरो है। रायपुर की सड़कों पर 7 माह की गर्भवती अमृता को देख लोग चौंक जाते हैं। अमृता को कर्तव्य निभाते देखना दूसरों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। IUCAW में अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक अमृता सोरी ध्रुव दिन में ऑफिस में बैठकर जवानों की तैनाती व्यवस्था को तय करने में भूमिका निभाती है, वही रोज शाम को यह चेक करने निकलती हैं कि सड़क पर तैनात जवानों को कोई परेशानी तो नहीं आ रही.. और वे अपना दायित्व पूरी सतर्कता से निभा रहे हैं या नहीं।

लॉकडाउन के कारण लोगों का घरों से निकलना मना है और फिजिकल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्‍त नियम लागू हैं। लोगों से अपील की गई है कि घातक कोरोना वायरस से बचे रहें और नियमों का पालन करें। इसके लिए मैदान में मोर्चा संभालने के लिए पुलिस है। अपने घरो से दूर पुलिस अधिकारी-कर्मचारी कोरोना से जंग लड़ रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित रहें।

Posted By: Monika Minal

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