रायपुर, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय धर्म संसद के अंतिम दिन स्वामी परमात्मानंद ने कहा कि एक लड़ाई आजादी की जीती, अब हिंदू राष्ट्र की लड़ाई जीतनी है। वहीं, संत रामप्रिय दास ने कहा कि धर्म वस्त्र नहीं जो बदल लिया जाए। जिस घर में पैदा हुए वही धर्म है, उसे बदल नहीं सकते। भ्रमित न हों, प्रलोभन में न आएं। अपने आपको पहचानें। इसके अलावा हिंदू राष्ट्र, मतांतरण, गुरुकुल की तर्ज पर शिक्षा, संस्कार, गोहत्या और घर वापसी पर भी चर्चा हुई। वहीं, कार्यक्रम में हिंदुत्व पर हुई चर्चा के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धर्म संसद में आने का अपना कार्यक्रम रद कर दिया।

हिंदू राष्ट्र, मतांतरण, गुरुकुल की तर्ज पर शिक्षा, संस्कार, गोहत्या और घर वापसी पर हुई चर्चा

खरसिया केसंत त्रिवेणी दास ने कहा पूरी दुनिया में आतंक, खून सिर्फ मुसलमान बहा रहा है। ईसाई हथियार बनाकर बेच रहे हैं। सनातन संस्कृति का गौरवशाली इतिहास दो अरब साल पहले से है। इसे खत्म करने की साजिश चल रही है। उन्होंने कहा कि देश के सभी मुसलमान, हिंदू हैं, वे कहीं से नहीं आए, इनको जबरन मुसलमान बनाया गया है, इनकी घर वापसी होनी चाहिए।

हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत रामदास ने कहा कि गाय पालें, तभी अच्छी खेती होगी। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में गुरुकुल परंपरा से शिक्षा दी जाए। शास्त्र के साथ शस्त्र भी सिखाएं। जबलपुर की साध्वी विभा देवी ने कहा कि विदेशों से मतांतरण के लिए फंडिंग हो रही, इसे रोकें। जूना अखाड़ा के स्वामी प्रबोधानंद ने कहा कि हिंदू राष्ट्र न नेता बनाएंगे, न आइएएस अधिकारी बनाएंगे। अपनी रक्षा खुद करनी होगी। उन्होंने कहा कि शस्त्र हर घर में रखें, अपनी रक्षा खुद करें। हिंदू रहेगा तो गाय और मठ, साधु संत रहेंगे।

धर्म संसद में हिंदुओं की घर वापसी का संकल्प लिया गया। इस दौरान स्वामी परमात्मानंद, संत रामप्रिय दास, संत त्रिवेणी दास, हनुमान गढ़ी अयोध्या के महंत रामदास, साध्वी विभा देवी, जूना अखाड़ा के स्वामी प्रबोधानंद और अकोला के संत कालीचरण ने चर्चा में भाग लिया और अपने विचार रखे।

धर्म संसद में गांधी पर बिगड़े बोल

धर्म संसद में अकोला (महाराष्ट्र) के संत कालीचरण ने गांधी को लेकर भी विवादित बयान दिया। उन्होंने नाथूराम गोडसे की प्रशंसा करते हुए उन्हें नमस्कार किया। इसके बाद कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक और राज्य गो सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुंदर दास ने इस बयान का विरोध करते हुए मंच छोड़ दिया।

जाति व्यवस्था को करना होगा खत्म

छत्तीसगढ़ और देश भर में मतांतरण पर इशारा करते हुए कालीचरण ने कहा कि देश की जाति व्यवस्था के कारण ऐसा हो रहा है। समाज के जिन वर्गों को मंदिरों में प्रवेश नहीं मिला, जिन्हें समाज ने प्रेम नहीं दिया, वह दूसरे धर्म को अपना रहे हैं। उनकी देखादेखी दूसरे लोग भी इसका अनुसरण कर रहे हैं। जाति व्यवस्था खत्म कर सभी को सम्मान देने से इस समस्या का हल होगा।

Edited By: Arun Kumar Singh