बेमौसम बारिश से उत्तर से दक्षिण तक त्राहिमाम: यूपी में 45 की मौत, 400 गांव डूबे; रेल-हवाई सेवा बाधित
बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बेमौसम बारिश ने कई ...और पढ़ें

बेमौसम बारिश से उत्तर से दक्षिण तक त्राहिमाम। (पीटीआई)
HighLights
उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश से 45 लोगों की मौत हुई।
छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए।
कई राज्यों में रेल, हवाई सेवाएं और फसलें प्रभावित हुईं।
जागरण टीम, नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण लगातार हो रही वर्षा ने कई राज्यों में तबाही मचा दी है। बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
गुरुवार शाम से लगातार हो रही वर्षा और तेज हवाओं के कारण हुए हादसों में उत्तर प्रदेश में 45 लोगों की मौत हो चुकी है। एहतियातन प्रशासन ने प्रभावित जिलों में स्कूल-कालेज बंद कर दिए हैं। वर्षा के कारण खेतों में पककर तैयार अगेती धान की फसल पर बुरा असर पड़ा है। कई जगह तेज हवाएं चलने के कारण धान, मक्का, गन्ना व सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से और छत्तीसगढ़ में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम बदला है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसकी वजह से मानसून की विदाई के तीन दिन बाद शनिवार को दिल्ली में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटे में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई है। अवध से लेकर पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बड़ी संख्या में कच्चे मकान, दीवार और पेड़ गिरने की घटनाएं हुई हैं। कई जिलों में सड़कें जलमग्न हो गईं, बिजली आपूर्ति ठप रही और रेल तथा हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। सर्वाधिक 28 मौतें अवध क्षेत्र में हुई हैं।
गोरखपुर में दो घंटे में 150 मिमी वर्षा हुई। गोरखपुर-लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग प्रभावित हुआ। बरेली-दिल्ली उड़ान रद हुई। प्रयागराज में एक हेड कॉन्स्टेबल की मौत हो गई। मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर है। चित्रकूट में जलस्तर 70 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा और बरदहा नदी के उफान से उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश संपर्क बाधित हुआ।
छत्तीसगढ़ में बाढ़ से हजारों प्रभावित, चार बच्चे बहे
छत्तीसगढ़ में पिछले चार दिनों से जारी अति वर्षा का दौर शनिवार सुबह कुछ कम हुआ, लेकिन दुश्वारियां कम नहीं हुईं। सबसे अधिक वर्षा बस्तर संभाग में हुई है। इंद्रावती और उसकी सहायक नदियों में उफान आने से 400 से अधिक बस्तियां प्रभावित हुई हैं। करीब 40 हजार की आबादी पर इसका असर पड़ा है।
रायपुर और दुर्ग संभाग में महानदी, शिवनाथ और खारुन नदियों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के रहवासी क्षेत्रों में पानी भर गया है। अब तक हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बाढ़ के पानी में चार बच्चे बह गए।
बस्तर को आंध्र प्रदेश से जोड़ने वाली केके रेललाइन (कोत्तावालसा-किरंदुल) पर ट्रेनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। बालोद जिले के गुंडरदेही में रायपुर-ताड़ोकी रेललाइन धंसने से पैसेंजर ट्रेन को करीब तीन घंटे तक स्टेशन पर रोकना पड़ा।
चित्रकूट में बाढ़ का खतरा, नर्मदा उफान पर
मध्य प्रदेश में महाकौशल-विंध्य अंचल के कई जिलों में वर्षा का दौर जारी है। चित्रकूट में लगातार वर्षा के कारण मंदाकिनी नदी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई। रामघाट में मंदाकिनी का जलस्तर शुक्रवार रात 127.20 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर था। वहीं, नर्मदा समेत अन्य नदियां भी उफान पर हैं।
शहडोल में बाणसागर बांध के 12 गेट और जबलपुर में बरगी डैम के 13 गेट खोले जाने से तटवर्ती क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ गया है। उमरिया में जोहिला डैम के चार गेट व सिवनी के संजय सरोवर भीमगढ़ बांध के दो गेट खोले गए हैं।
उधर, मंडला जिले के हीरापुर गांव में शनिवार तड़के बारिश के कारण गणेश पंडाल में करंट फैलने से चार युवकों की मौत हो गई। जबकि तीन बुरी तरह से झुलस गए।
बिहार में तेजी से बढ़ रहा नदियों का जलस्तर
बिहार में तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बाढ़ की आशंका को लेकर 17 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची से छह उड़ानें रद रहीं। रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में स्कूल बंद रहे। पूर्वी सिंहभूम में स्वर्णरेखा नदी खतरे के निशान से 2.02 मीटर और खरकई नदी 4.50 मीटर ऊपर बह रही है। रांची के कांके डैम का जलस्तर 27.05 फीट पहुंच गया।
ओडिशा के चार जिलों में बाढ़ से स्थिति बिगड़ी
ओडिशा के 10 जिलों में 73,085 से अधिक लोग मौसम से प्रभावित हुए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि मयूरभंज, बालेश्वर, गजपति, गंजाम, नवरंगपुर, कोरापुट, मलकानगिरि, नयागढ़, कंधमाल और बलांगीर में 1,071 गांव प्रभावित हैं। महानदी समेत उत्तर ओडिशा की कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।
बालेश्वर के बस्ता, बालियापाल, भोगराई और जलेश्वर में सुवर्णरेखा व जलका नदियों से बाढ़ जैसी स्थिति है। आनंदपुर बैराज के 31 गेट खोले गए हैं। हीराकुद के 20 गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है। कंधमाल जिले के कलिंगा घाटी में भू-स्खलन और सड़क पर एक विशाल चट्टान गिर जाने के कारण आवागमन रोक दिया गया है।
उत्तराखंड में वर्षा-बर्फबारी, चारधाम और आदि कैलास यात्रा रोकी
उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी का क्रम जारी है। उत्तराखंड में प्रतिकूल मौसम के चलते चारधाम और आदि कैलास यात्रा रोक दी गई है। आदि कैलास और ऊं पर्वत दर्शन यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट 26 अक्टूबर तक बंद कर दिए गए हैं। चंपावत स्थित मां पूर्णागिरि धाम के कपाट अग्रिम आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
ऋषिकेश में गंगा में राफ्टिंग भी रोकी गई है। पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग(टनकपुर-लिपुलेख) तीन स्थानों पर भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है। बागेश्वर में रवाईखाल के पास भूस्खलन से गरुड़-बागेश्वर राष्ट्रीय मार्ग बाधित हो गया है। देहरादून, टिहरी व पौड़ी के लिए वर्षा का रेड अलर्ट और अन्य जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
