जेएनएन, नई दिल्ली। भीषण गर्मी के प्रकोप से झुलस रहे उत्तर भारत के लोगों को गुरुवार शाम होते-होते कुछ राहत मिली। पहाड़ी राज्यों से लेकर दिल्ली-एनसीआर गुरुवार शाम को तेज हवा के साथ हुई बारिश से मौसम बदल गया है। दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम विभाग के अनुसार सात दिन तक चली लू से गुरुवार को राहत मिली। 21 मई से 42 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा अधिकतम तापमान दर्ज हो रहा था। अब एक जून तक गर्मी से कुछ राहत रहेगी। शुक्रवार को भी दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। साथ ही धूल भरी आंधी चलने की सभांवना है। वहीं, शनिवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा। 31 मई और एक जून को हल्की बारिश हो सकती है। 

क्यों बदला मौसम का मिजाज 

स्काइमेट के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा कि गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में पहुंचने से दिल्ली के मौसम में परिवर्तन आया। इससे ही तेज गर्मी से राहत मिली। नमी वाली हवा दिल्ली में पहुंची। साथ ही राजस्थान में भी एक चक्रवाती गतिविधियों का प्रभाव बना, जिससे मौसम में बदलाव हुआ। एक जून तक इसका असर पड़ेगा।

पंजाब में भी हुई बारिश 

पंजाब के पटियाला, लुधियाना, मानसा, बरनाला, पठानकोट, गुरदासपुर, फरीदकोट, मुक्तसर व नंगल में गुरुवार को तेज आंधी के साथ बारिश हुई। पटियाला में झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। बठिंडा व फरीदकोट में तेज आंधी के कारण बड़ी संख्या में पेड़ व बिजली के पोलों टूट कर गिर गए।

राजस्थान में भी छाए राहत के बादल

राजस्थान में पिछले तीन से पड़ रही झुलसा देने वाले गर्मी से गुरूवार दोपहर बाद थोड़ी राहत मिली है। प्रदेश के कुछ इलाकों में गुरुवार को मौसम ने पलटा खाया और भरतपुर जिले में जहां करीब आधा घंटे तक झमाझम बारिश हुई। चूरू में गुरूवार का तापमान 46.6 डिग्री दर्ज किया गया।

पहाड़ों पर भी आज आंधी और बारिश के आसार 

उत्तराखंड और हिमाचल में मौसम ने करवट बदली और पारे की रफ्तार पर ब्रेक लगा। दोपहर बाद उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग के कई इलाकों में बारिश हुई तो देहरादून और हरिद्वार में बूंदाबांदी से तापमान औसतन चार से छह डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी मैदानी इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम का यह मिजाज 31 मई तक बना रहेगा। इसी तरह हिमाचल के लाहुल-स्पीति और प्रदेश की अन्य चोटियों पर गुरुवार को बर्फबारी व मैदानों में बारिश होने से गर्मी से राहत मिली, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि से नुकसान भी हुआ है।

प. बंगाल में शनिवार तक बारिश का अनुमान

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिन तक पश्चिम बंगाल में बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया। कोलकाता और बंगाल के कुछ दक्षिणी जिलों में गुरुवार को आसमान में बादल छाए हुए थे और रुक-रुक कर बारिश हो रही थी। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दक्षिण बंगाल के उत्तर 24 परगना, पूर्व और पश्चिम वर्धवान, मुर्शीदाबाद और बीरभूम जिलों में शनिवार तक तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने और बारिश की संभावना है। हवाओं की गति 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। विभाग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों वाले अन्य जिलों में अगले दो दिनों तक बारिश या गरज के साथ छीटे पड़ सकते हैं। कोलकाता में बुधवार शाम को 96 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं।

इस साल सामान्य बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, देश में इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना है। विभाग ने कहा कि पश्चिम-मध्य अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अगले 48 घंटे के दौरान दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। उसने बताया कि इसके अगले तीन दिनों में उत्तर पश्चिम में दक्षिण-ओमान और पूर्वी यमन के तट की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है। मौसम की इस स्थिति के तहत, 28 से 31 मई के दौरान दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। साथ में 30-31 मई को केरल और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने त्रिपुरा और मिजोरम में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश और असम तथा मेघालय में तेज बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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