नई दिल्ली [संजय सिंह]। रेलवे ने स्टीम लोकोमोटिव, विंटेज कोच जैसी अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और रखरखाव के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इन्हें अनुबंध के आधार पर अल्पकालिक अवधि के लिए रखा जाएगा और समुचित मानदेय प्रदान किया जाएगा।

इस संबंध में रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जोनल महाप्रबंधकों को निर्देश जारी किए गए हैं। 65 वर्ष तक की उम्र के ऐसे रिटायर्ड रेलकर्मियों की तलाश करने को कहा गया है जिन्हें सलाहकार-सह-प्रशिक्षक के पद पर रखा जाएगा। अनुबंध के आधार पर होने वाली इन नियुक्तियों के लिए 1200 रुपये का दैनिक मानदेय निर्धारित किया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दशा में कन्सल्टेंट-कम-कोच के रूप में नियुक्त सेवानिवृत्त रेलकर्मी का मानदेय उसकी पेंशन के साथ जोड़े जाने पर अंतिम वेतन से अधिक नहीं होना चाहिए। इन्हें अन्य कोई भत्ता नहीं मिलेगा।

किसी जोन में धरोहरों के संरक्षण व रखरखाव के लिए कितने रिटायर्ड रेलकर्मी रखे जाएं, उनका चयन कैसे हो इसका फैसला प्रधान विभागाध्यक्ष प्रधान वित्तीय सलाहकारों के परामर्श से करेंगे। हर प्रधान विभागाध्यक्ष को अपने विभाग में दस सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्ति करने का अधिकार दिया गया है।

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रेलवे की संरक्षण योग्य धरोहरों में कोयले की भाप से चलने वाले पुराने इंजन, अंग्रेजों और रजवाड़ों के जमाने विंटेज कोच, भाप से चलने वाली क्रेने, सेमाफोर सिगनल तथा स्टेशनों में प्रयुक्त होने वाले पुराने उपकरण आदि शामिल हैं। इनके बारे में सिर्फ पुराने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को ही पूरी जानकारी है। यही वजह है कि रेलवे को उनकी जरूरत महसूस हुई है।

अभी रेलवे में कई ऐसी वर्कशॉप एवं म्यूजियम हैं जहां इस तरह की धरोहरों को संजो कर रखा गया है और उनकी मरम्मत व रखरखाव के इंतजाम किए गए हैं। इनमें रेवाड़ी और अमृतसर की वर्कशॉप तथा नई दिल्ली का नेशनल रेल म्यूजियम प्रमुख हैं। इनके अलावा भी विभिन्न जोनों में अनेक कार्यशालाएं व म्यूजियम हैं, जहां इस प्रकार की अनोखी धरोहरें मौजूद हैं। बालीवुड फिल्मों की शूटिंग में अक्सर इन धरोहरों का उपयोग पुराने दौर को दर्शाने के लिए किया जाता है, जिनसे रेलवे को आमदनी भी होती है। उदाहरण के लिए सनी द्योल की पिक्चर 'गदर : एक प्रेमकथा' में बंटवारे के वक्त ट्रेन यात्रा के दृश्य के फिल्मांकन के लिए 'अकबर' इंजन का प्रयोग किया गया था।

 

Posted By: Vikas Jangra