नई दिल्‍ली, आइएएनएस। कोरोना लॉकडाउन के चलते फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को निकालने के लिए रेलवे ने अगले 10 दिनों तक 2600 से ज्यादा श्रमिक ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने शनिवार को बताया कि अगले 10 दिनों में 2,600 से अधिक ट्रेनों के शेड्यूल तय किए गए हैं। इन स्पेशल श्रमिक ट्रेनों से 36 लाख प्रवासी यात्रा करेंगे। यही नहीं उन्‍होंने यह भी बताया कि राज्यों को विशेष ट्रेनों के संचालन के बारे में अपनी जरूरतें बताने के लिए कहा गया है।

26 लाख से ज्यादा को घर पहुंचाया 

विनोद कुमार यादव ने बताया कि बीते एक मई से अब तक करीब 2600 से ज्यादा श्रमिक ट्रेनें विभिन्न राज्यों के लिए चलाई गई हैं जिनके जरिए 26 लाख से ज्यादा यात्रियों को उनके घर पहुंचाया गया है। इन ट्रेनों में 80 फीसदी ट्रेनें अकेले उत्‍तर प्रदेश और बिहार के लिए चलाई गई हैं। बीते चार दिनों में औसतन 260 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेनें प्रतिदिन चलाई गई हैं जिनमें रोजाना चार लाख से ज्‍यादा यात्रियों को गंतव्य स्थल पर पहुंचाया गया है। उन्‍होंने यह भी बताया कि सेवा की शुरुआत में पहली मई को चार विशेष ट्रेनें चलाई गई थीं जिनके जरिए चार हजार लोगों को उनके गंतव्‍य स्‍थल तक पहुंचाया गया था। 

हर डिवीजन में ट्रेनें 

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि हम राज्‍य सरकारों के अनुरोध पर ट्रेनों का बंदोबस्‍त करेंगे क्योंकि हमारी ट्रेनें हर डिवीजन में रखी गई हैं। हम राज्यों के भीतर भी ट्रेन चलाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने प्रवासी मजदूरों को आश्वासन दिया कि रेलवे ने उनके परिवहन के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं की हैं। वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि हमें शिकायतें मिली थीं कि लोग ऑनलाइन टिकट बुक करने में असमर्थ हैं। इसे देखते हुए अब हमनें देशभर में 1,000 से अधिक खिड़कियां खोली हैं। आने वाले दिनों में और टिकट काउंटरों को खोला जाएगा। 

अब तक 75 लाख घर पहुंचाए गए  

वहीं गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने शनिवार को बताया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब चार करोड़ प्रवासी मजदूर हैं। देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से ट्रेनों और बसों के जरिये अब तक 75 लाख अपने-अपने घर पहुंच चुके हैं। संयुक्त सचिव ने 25 मार्च से लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से प्रवासी मजदूरों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को राज्यों को एडवाइजरी जारी कर कहा गया था कि प्रवासी मजदूरों के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं और सुनिश्चित करें कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें अपनी जगह से नहीं जाना पड़े।

Posted By: Krishna Bihari Singh

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