नई दिल्ली, जेएनएन। भारतीय रेलवे (Inian Railway) जहां एक ओर अनलॉक के चरण में गाड़ियां शुरू करके लोगों की यात्रा को आसान बना रहा है वहीं अब त्योहारी सीजन में किराया को लेकर लोगों में नाराजगी है। लोगों की नाराजगी और मीडिया में आई खबरों को लेकर रेलवे ने सफाई दी है। रेलवे ने ट्रेनों का किराया बढ़ाने की खबरों का खंडन किया है। कहा फेस्टिव सीजन और अन्य डिमांड वाले सीजन में चलने वाली स्पेशल ट्रेनों का किराया आमतौर पर सामान्य ट्रेनों से अधिक ही होता है।

बता दें कि कोरोना के कारण लॉकडाउन के बाद सीमित संख्या में ट्रेनें चल रही हैं। हालांकि रेलवे ने त्योहारों को देखते हुए कुछ स्पेशल और क्लोन ट्रेनें चला रहा है। लेकिन रेलवे इन ट्रेनों में नियमित ट्रेनों की तुलना 25 से 30 फीसद अधिक किराया ले रहा है।

इन सभी स्पेशल और क्लोन ट्रेनों का किराया यात्रियों की जेब पर भारी पड़ रहा है। इनमें स्लीपर से लेकर एसी श्रेणी तक में यात्रियों को 150 से लेकर 450 रुपये तक अधिक देने पड़ रहे हैं। उदाहरण के लिए पटना से मुंबई के लिए समान्य ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी का किराया 670 रुपये है जबकि स्पेशल और क्लोन ट्रेनों में उनसे 920 रुपये देने पड़ रहे हैं।

कुछ इसी तरह पटना से हावड़ा (कोलकाता) के लिए किराए में वृद्धि की गई है। समान्य ट्रेनों में पटना से हावड़ा का स्लीपर क्लास का किराया 350 रुपये है जबकि स्पेशल और क्लोन ट्रेनों में यात्रियों से 435 रुपये लग रहा हैं।

इसी तरह पटना से दिल्ली के लिए नियमित ट्रेन में सेकंड एसी का किराया 1910 रुपये है जबकि स्पेशल और क्लोन ट्रेनों में 2320 रुपये लग रहा है।

किराए का मुद्दा बिहार चुनाव में उछाल रही कांग्रेस

स्पेशल ट्रेनों के किराए का मुद्दा अब कांग्रेस बिहार चुनाव में उछाल रही है। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि बिहार-यू.पी के लोगों से लूट जारी है। दीपावली, दशहरा, छट पूजा, नवरात्र, ईद के त्योहार में चलाई गई ‘पर्व स्पेशल ट्रेन’ का किराया 30 फीसद ज्यादा क्यों है? केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो आज भी त्योहार में पैसा कमाने का अवसर ढूंढ रहे, ऐसी सरकार से क्या उम्मीद है?

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