जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली रेलवे ने 15 अप्रैल से यात्री ट्रेनें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। लेकिन वास्तव में ट्रेनें कब से चलेंगी इसका फैसला सरकार द्वारा लॉकडाउन खत्म किए जाने के फैसले पर निर्भर करेगा। एक रेल अधिकारी ने शनिवार को बताया, 'रेलवे बोर्ड से हर ट्रेन के बारे में विशिष्ट मंजूरी मिलने के बाद ही ट्रेन सेवाओं को बहाल किया जाएगा। चरणबद्ध योजना के लिए सुझाव रेलवे बोर्ड को दिए जाने चाहिए।' शुक्रवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के बीच हुई वीडियो कांफ्रेंस में यह फैसला लिया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, शुरू में लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाएंगी। पैसेंजर ट्रेनों का नंबर बाद में आएगा। इस संबंध में रेल अफसरों और कर्मचारियों को तैयार रहने के लिए कहा गया है। रैकों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए रेलवे के सभी 17 जोन ट्रेनों की पहचान करने और उनकी सेवाएं बहाल करने की योजना बना रहे हैं। संभावना है कि ट्रेन सेवा बहाल होने पर सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और सरकार द्वारा सुझाए गए सभी प्रोटोकॉल पर अमल किया जाएगा।

 15 अप्रैल से रेल सेवाएं शुरू होने की संभावनाएं नहीं

सूत्रों के मुताबिक सभी 17 रेलवे जोन को तैयारियां करने के लिए संदेश भेज दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि रेलवे सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर सकता है और वह सरकार द्वारा सलाह के अनुसार सभी प्रोटोकॉल का पालन भी करने को तैयार है।

हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि कोई भी नए आदेश जारी नहीं किए गए हैं और चूंकि ट्रेन केवल 14 अप्रैल तक बंद थीं तो 15 अप्रैल से ट्रेनों के दोबारा प्रभावी शुरुआत के लिए कोई नए आदेश की आवश्यकता नहीं है।

सूत्रों ने कहा है कि इस सप्ताह के अंत में एक ठोस कार्य योजना, सभी ज़ोन को भेजी जाएगी।

पीएम मोदी द्वारा एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की थीष इसके बाद रेलवे ने 13,523 ट्रेनों की सेवाओं को 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिया था। हालांकि इस दौरान मालगाड़ियां चल रही हैं

Posted By: Shashank Pandey

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