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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 30, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रेनों की लेटलतीफी से जल्द मिलेगी राहत, रेलवे कर रहा इस प्लान पर काम

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 30 May 2018 07:04 PM (IST)Updated: Wed, 30 May 2018 10:27 PM (IST)

रेलवे ऐसे इंतजाम कर रहा है जिनसे अगले साल तक ज्यादातर ट्रेनों के समय पर चलने की उम्मीद है।

ट्रेनों की लेटलतीफी से जल्द मिलेगी राहत, रेलवे कर रहा इस प्लान पर काम
ट्रेनों की लेटलतीफी से जल्द मिलेगी राहत, रेलवे कर रहा इस प्लान पर काम

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान लोगों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है। रेलवे ऐसे इंतजाम कर रहा है जिनसे अगले साल तक ज्यादातर ट्रेनों के समय पर चलने की उम्मीद है। रेलवे बोर्ड के सदस्य, यातायात मोहम्मद जमशेद ने लोगों को यह भरोसा दिया है।
जमशेद के मुताबिक इन दिनों ट्रेने इसलिए लेट चल रही हैं क्योंकि बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए बड़े पैमाने पर ऐसे कार्य किए जा रहे हैं जो कई दशकों से लंबित थे। इनमें पुराने ट्रैक को बदलना, अत्यधिक यातायात घनत्व वाले रूटों पर दूसरी, तीसरी और चौथी लाइन बिछाना, लाइनों का विद्युतीकरण करना, सिग्नल प्रणाली का नवीकरण तथा मानवरहित क्रासिंगों को समाप्त करने के लिए किए जा रहे कार्य शामिल हैं। रेलमंत्री ने मानवरहित क्रासिंगों को समाप्त करने के लिए सितंबर तक का लक्ष्य दिया है। चूंकि ये सभी कार्य ब्लॉक लेकर अर्थात उस सेक्शन पर कुछ देर के लिए यातायात को बंद कर किए जाते हैं, लिहाजा उस रूट की सभी ट्रेने लेट हो जाती हैं। जमशेद ने कहा कि उत्तर भारत में गाजियाबाद से मुगलसराय रूट सबसे ज्यादा व्यस्त है। इसलिए इस पर सबसे ज्यादा काम हो रहा है। अगले छह-सात महीनों में यह पूरी तरह ऑटोमैटिक सिगनल प्रणाली से युक्त हो जाएगा। इससे इस रूट से होकर गुजरने वाली तमाम ट्रेने समय पर चलने लगेंगी।
इसके अलावा भविष्य में डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनने से भी बड़ी राहत मिलेगी। दादरी से मुंबई के बीच बन रहा पश्चिम कॉरिडोर के 2020 में चालू होने की उम्मीद है। जबकि लुधियाना से डांकुनी के बीच बन रहा पूर्वी कॉरिडोर 2021-22 में पूरा होगा। दोनो कॉरिडोर के कुछ बीच के खंड पहले भी चालू हो सकते हैं। इससे मालगाडि़यां कॉरिडोर पर शिफ्ट हो जाएंगी और मौजूदा लाइनें पूरी तरह पैसेंजर ट्रेनों के लिए मुक्त हो जाएंगी। इससे यात्री और माल यातायात दोनों में कई गुना बढ़ोतरी होगी तथा ग्राहकों के साथ-साथ रेलवे को को जबरदस्त लाभ होगा।

यात्री यातायात 1 फीसद बढ़ा
जमशेद ने कहा कि चार वर्ष पहले यात्री यातायात में गिरावट आ रही थी। परंतु अब इसमें 1 फीसद बढ़ोतरी का रुख दिखाई दे रही है। इस दौरान यात्रियों की संख्या में 6.5 करोड़ का इजाफा हुआ है, जबकि यात्री आय अब तक की सर्वाधिक 48 हजार करोड़ रुपये हो गई है। पिछले एक वर्ष में यात्रियों से होने वाली आमदनी 2200 करोड़ रुपये बढ़ गई है।