सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। अहमदाबाद-मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन हाईस्पीड रेल कारिडोर परियोजना के बाद भारतीय रेलवे ने दिल्ली-वाराणसी समेत छह ऐसी ही नई परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है। हाईस्पीड रेल कारिडोर के बाबत रेल लाइनों के बिछाने में निजी क्षेत्र की कंपनियों का साथ लिया जाएगा। कोविड-19 के चलते इन परियोजनाओं की गति धीमी जरूर पड़ गई थी, लेकिन पिछले सप्ताह से उसमें तेजी आ गई है। इसमें दिल्ली-वाराणसी के बीच वाली बुलेट ट्रेन को उच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

रेलवे को विश्व स्तरीय बनाने के लिए निजी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा 

भारतीय रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा 'रेलवे को आधुनिक व विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इसमें भारी पूंजी की जरूरत होगी, जिसके लिए निजी निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।' कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के चलते कई परियोजनाओं के काम ठप पड़ गए थे, जो अब चालू होने लगे हैं।

अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए हाईस्पीड कारिडोर का काम प्रगति पर

अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए हाईस्पीड कारिडोर का काम प्रगति पर है। भारतीय रेलवे के साथ राज्यों की भागीदारी भी की जाएगी। दिल्ली-वाराणसी के बीच प्रस्तावित हाईस्पीड रेल कारिडोर की परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने नेशनल हाईस्पीड रेल कारपोरेशन ने पिछले सप्ताह टेंडर जारी कर दिया है।

बोर्ड चेयरमैन ने कहा- दिल्ली-वाराणसी के बीच साढ़े चार घंटे में बुलेट ट्रेन का होगा सफर

बोर्ड चेयरमैन ने बताया कि दिल्ली और वाराणसी के बीच 865 किमी की दूरी को बुलेट ट्रेन साढ़े चार घंटे में पूरा करेगी। जबकि इस ट्रेन से यह सफर दिल्ली-आगरा-वाराणसी-पटना-हावड़ा तक 1625 किमी का होगा। दूसरी परियोजना दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद के बीच 886 किमी की होगी। तीसरी परियोजना मुंबई-नासिक-नागपुर की 753 किमी की होगी। चौथी मुंबई-पुणे-हैदराबाद के बीच 711 किमी लंबी होगी। पांचवीं परियोजना चेन्नई-बंगलौर-मैसूर के बीच 435 किमी लंबी होगी। छठवीं परियोजना दिल्ली-चंडीगढ़-लुधियाना-अमृतसर के बीच 459 किमी लंबाई की होगी। इन सभी परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट हर हाल में अगले साल जून 2021 तक आ जाएगी।

दुनिया के 15 देशों में हाईस्पीड रेलवे प्रणाली है

भारतीय रेलवे की तरफ से पूरी तैयारी कर ली गई है। डीपीआर में यात्रियों की बढ़ती मांग व व्यावसायिक शहरों के बीच की व्यापारिक गतिविधियों का ध्यान रखा जाएगा। दुनिया के 15 देशों में इस तरह की हाईस्पीड रेलवे प्रणाली है।

यादव ने कहा- भारतीय रेलवे के लिए नया युग होगा

यादव ने बताया कि इन आधुनिक प्रौद्योगिकी वाली हाईस्पीड की ट्रेनों से जहां दो शहरों के बीच का सफर कम समय में पूरा होगा, वहीं रोजगार के अवसर सृजित होंगे। दुर्घटनाओं के कम होने के साथ पर्यावरण प्रदूषण न के बराबर होगा। भारतीय रेलवे के लिए यह नया युग होगा।

Posted By: Bhupendra Singh

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