वोट चोरी जनता का मुद्दा नहीं, कांग्रेस की अपनी बेवसाइट पर 32 हजार में से सिर्फ 435 ने माना मुद्दा
राहुल गांधी के सत्याग्रह प्लेटफार्म के आंकड़ों से पता चला है कि वोट चोरी जनता का प्रमुख मुद्दा नहीं है, ...और पढ़ें
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भ्रष्टाचार और जातीय भेदभाव शीर्ष सार्वजनिक मुद्दों में शामिल।
HighLights
वोट चोरी सत्याग्रह प्लेटफार्म पर 11वें स्थान पर।
शिक्षा तक पहुंच जनता का सबसे बड़ा मुद्दा।
भ्रष्टाचार और जातीय भेदभाव शीर्ष सार्वजनिक मुद्दों में शामिल।
नीलू रंजन, नई दिल्ली। नेता प्रतिपक्ष और राहुल गांधी भले ही वोट चोरी को सबसे बड़ा मुद्दा बता रहे हों, लेकिन खुद राहुल द्वारा तीन दिन पहले शुरू किया गया सत्याग्रह प्लेटफार्म इसकी पुष्टि नहीं कर कर रहा है।
सत्याग्रह प्लेटफार्म पर खबर लिखे जाने तक पूरे देश से 32,107 प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं, जिनमें से सिर्फ 435 प्रविष्टियों में वोट चोरी को मुद्दा बनाया गया है। टाप 13 मुद्दों में से यह 11वें स्थान पर है। लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा शिक्षा तक पहुंच है, जिसमें 5654 प्रविष्टियां हैं।
ध्यान देने की बात है कि राहुल गांधी ने तीन अक्टूबर को सत्याग्रह के नाम से प्लेटफार्म को लांच किया था। इसका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को एक मंच पर जोड़ना है।
प्लेटफार्म को लांच करते हुए उन्होंने कहा था कि देशभर में लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अक्सर वे अकेले लड़ते हैं और उनकी आवाज दब जाती है।
उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, किसान, आदिवासी, दलित, महिलाएं और अन्य समुदाय अलग-अलग मुद्दों पर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में इन आवाजों को एक मंच पर लाना जरूरी है। जाहिर है प्लेटफार्म 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने संघर्ष से जुड़े मुद्दों को साझा कर रहे हैं।
प्लेटफार्म पर शिक्षा तक पहुंच के सबसे बड़ा मुद्दे के रूप में सामने आने से नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की सफलता को समझा जा सकता है।
जिसमें बड़ी संख्या में युवा और आम लोग स्वत: जुड़ते चले गए थे। सत्याग्रह प्लेटफार्म की प्रविष्टियों में दूसरे सबसे बड़े मुद्दे के रूप में भ्रष्टाचार सामने आया है।
5,363 प्रविष्टियां इससे संबंधित हैं। वहीं जातीय भेदभाव अब भी देश में बड़ा मुद्दा बना हुआ है 2,489 प्रविष्टियां इसको लेकर हैं। इसी तरह से स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी लोगों लिए मुद्दा है। इसमें 2412 प्रविष्टियां हैं। इसके बाद क्रमश: श्रमिकअधिकार, किसान के मु्द्दे, महिला सुरक्षा और जमीन से जुड़े अधिकार के मुद्दों पर प्रविष्टियां हैं।
कुछ महीने पहले ई-20 बड़ा मु्द्दा बनकर सामने आया था। लेकिन कांग्रेस के प्लेटफार्म पर केवल इथेनाल की मिलावट सबसे नीचे स्तर पर है और इसमें केवल 150 प्रविष्टियां आईं हैं।
