'देखिए आपके NTA ने क्या किया', UGC-NET में गड़बड़ी पर राहुल गांधी का PM मोदी पर निशाना
राहुल गांधी ने यूजीसी-नेट परीक्षा में प्रश्न पत्रों की गलतियों के कारण पुनर्परीक्षा के फैसले पर पीएम मोदी और एनटीए पर तीखा हमला बोला है।
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यूजीसी-नेट परीक्षा में गड़बड़ी पर राहुल गांधी का पीएम मोदी और एनटीए पर निशाना (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने तीन विषयों की यूजीसी-नेट (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन, नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा में प्रश्न पत्रों की गलतियों के चलते पुनर्परीक्षा कराने के फैसले को लेकर पीएम मोदी और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर तीखा हमला बोला है।
एनटीए द्वारा अंइंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजीकी परीक्षाएं कैंसिल कर सितंबर में दोबारा कराने की घोषणा के बाद, राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को शोषण मशीन करार दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में पहला कदम है, आखिरी नहीं। उन्होंने कहा, कि एनटीए के नेतृत्व को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मोदी जी, देखिए आपकी NTA ने फिर क्या कर दिया है। 22 से 30 जून के बीच सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स विषय की यूजीसी-नेट परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। लगभग दो महीने बीत जाने के बाद, NTA ने इन तीनों परीक्षाओं को रद कर दिया क्योंकि उन्होंने गलत प्रश्नपत्र तैयार किए थे और पुराने सवाल दोबारा पूछ लिए थे।''
गलती NTA की सजा छात्रों को...
राहुल गांधी ने कहा, ''हजारों उम्मीदवार जिन्होंने सालों तक मेहनत से तैयारी की, फॉर्म भरे, फीस दी और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक सफर किया। अब उन्हें सितंबर में यह सब फिर से करना पड़ेगा। गलती NTA करती है, लेकिन उसकी सजा देश के छात्रों को भुगतनी पड़ती है।
मैंने कोटा में, देहरादून में और प्रयागराज में यही बात कही थी और मैं आगे भी कहता रहूंगा। ये अब कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं बची है। ये सिर्फ पैसे और मेहनत निचोड़ने वाली एक मशीन बन चुकी है। ये आपका पैसा, आपके साल, आपका मानसिक स्वास्थ्य और आपका आत्मविश्वास छीन लेती है और बदले में कुछ नहीं देती, यहां तक कि नौकरी भी नहीं। NTA अभी भी असली सवाल का जवाब नहीं दे रही है। क्या परीक्षा से पहले ही ये पेपर लीक हो चुके थे?''
मोदी सरकार पर साधा निशाना
वहीं, मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, "मोदी सरकार की हर एजेंसी की तरह, NTA भी कभी अपनी गलती नहीं मानती। बाकी लीक हुए पेपरों की तरह, मुझे पूरा यकीन है कि इस मामले में भी किसी की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा इस दिशा में पहला कदम होना चाहिए था, आखिरी नहीं। NTA के शीर्ष नेतृत्व की भी जवाबदेही तय होनी चाहिएय़
सितंबर में दोबारा परीक्षा देने जा रहे हर छात्र से मैं कहना चाहता हूं। गलती आपकी नहीं है। पीएम मोदी ने एक ऐसा सिस्टम बनाया है जो एक परीक्षा तक सही से नहीं करा सकता, और फिर दोष परीक्षा देने वाले छात्रों पर मढ़ देता है. आपके कीमती साल छीने जा रहे हैं और जब तक पीएम मोदी इसका जवाब नहीं देते, हम चुप नहीं बैठेंगे।''
कब होगी परीक्षा?
गौरतलब है कि NTA ने यूजीसी-नेट की रद की गई तीन विषयों की पुनर्परीक्षा की तारीखें घोषित कर दी हैं। इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर को होगी, जबकि सोशियोलॉजी) का पेपर 10 सितंबर को आयोजित किया जाएगा।
