'देश को बेच दिया...' संसद में राहुल गांधी के आरोपों पर क्या बोली बीजेपी?
राहुल गांधी ने लोकसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को 'संपूर्ण सरेंडर' बताया, आरोप लगाया कि सरकार ने देश को बेच ...और पढ़ें
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ट्रेड डील को राहुल गांधी ने 'संपूर्ण सरेंडर' कहा

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। यूं तो ट्रेड डील पर बुधवार सुबह ही अमेरिका की ओर से सफाई आ गई है लेकिन लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका से ट्रेड डील को 'संपूर्ण सरेंडर' करार देते हुए कहा कि सरकार ने 'भारत माता को बेच दिया है।
पीएम मोदी पर दबाव में डील पर हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि भारत का कोई भी प्रधानमंत्री जिसमें पीएम मोदी भी शामिल हैं, ऐसी डील पर तब तक हस्ताक्षर करेगा जब तक उस पर कोई दबाव न हो।'
ट्रेड डील को राहुल गांधी ने 'संपूर्ण सरेंडर' कहा
सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दुखद है कि भाजपा के वित्तीय ढांचे को बचाने के लिए 140 करोड़ भारतीयों के हितों का सरेंडर किया गया है और किसानों की रोजी-रोटी, कपड़ा, देश की ऊर्जा सुरक्षा से लेकर डाटा और उसका सोर्स कोड जैसे बेहद अहम क्षेत्रों को गिरवी रख दिया गया है।
लोकसभा में बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए बुधवार को राहुल गांधी ने मार्शल आर्ट की विद्या का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका ने पीएम मोदी की गर्दन पकड़ रखी (चोकहोल्ड) है और इसीलिए हमारे हितों को नुकसान पहुंचाने वाले इस डील पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं।
पीएम मोदी पर दबाव में डील साइन करने का आरोप
राहुल गांधी ने सरकार के निकट माने जाने वाले एक बड़े अद्योगिक घराने पर अमेरिका में दर्ज मामले और विवादित एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में अनिल अंबानी तथा केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी का नाम लेते हुए आरोप लगाया जिस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रीजीजू और सत्तापक्ष के एतराज के बाद सभापति जगदंबिका पाल ने रिकार्ड से हटाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के वर्तमान उथल-पुथल वाले भू-राजनीतिक परि²श्य में हमारी 140 करोड़ की आबादी, खाद्य सुरक्षा, डाटा तथा ऊर्जा सुरक्षा चीन तथा अमेरिका के बीच सुपर पावर की होड़ में सबसे बड़ी ताकत है। मगर इस ताकत को पीएम ने अमेरिका को सौंप दिया है।
डेटा सौंपने के साथ डिजिटल ट्रेड नियमों पर कंट्रोल छोड़ दिया है। कोई डेटा लोकलाइजेन नहीं है, कोई सोर्स कोड डिस्क्लोजर नहीं है और 20 साल का टैक्स हॉलीडे देते हुए हमारी सबसे कीमती संपत्ति ट्रंप को सौंप दी गई है।
किसानों, ऊर्जा, डेटा सुरक्षा को गिरवी रखने का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिकी मशीनी हाइटेक खेती के आगे हमारे किसानों को उसके रहमोकरम पर छोड़ दिया गया है और हमारे टेक्सटाइल पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाकर उसे खत्म किया गया है क्योंकि बांग्लादेश पर शून्य टैक्स है जो भारत के कपड़ा उद्योग को नष्ट कर देगा।
इसी तरह हम रूस ईरान या जिससे चाहे तेल नहीं खरीद सकते और अमेरिका जिससे कहेगा उसी से खरीदना। ट्रेड डील पर सरकार को नसीहत देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आईएनडीआइए ब्लाक की सरकार होती तो हम राष्ट्रपति ट्रंप से कहते कि आपको अपने डालर को बचाना है तो हमारा डाटा सबसे बड़ी संपत्ति है इसको मानना होगा।
आइएनडीआइए की सरकार होती तो ऊर्जा सुरक्षा पर कोई दबाव स्वीकार नहीं करते, साथ ही ट्रंप से कहते आपको अपने खेती-बाड़ी वाले वोटर बेस की रक्षा की जरूरत है मगर हम भी अपने किसानों की पूरी रक्षा करेंगे।
