'पूरी दिल्ली बंद, पुलिस और बीजेपी के गुंडे कर रहे पिटाई', छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने बोला हमला
राहुल गांधी ने चेन्नई में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी और बीजेपी पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना (फोटो-ANI)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राहुल गांधी ने चेन्नई में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पीएम मोदी और बीजेपी पर असहमति की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंटरनेट बंद कर दिया गया और राजधानी में विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को पीटा गया।
राहुल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, वे आवाजों को दबा रहे हैं, जैसा कि आपने दिल्ली में देखा। पूरा शहर बंद कर दिया गया, इंटरनेट पूरी तरह से बंद कर दिया गया। पुलिस ने छात्रों की पिटाई की। बीजेपी ने अपने गुंडे भेजे थे जो छात्रों को पीट रहे थे।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी की पर निशाना साधते हुए कहा, मोदी भात के लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।
छात्रों को राहुल ने किया संबोधित
राहुल गांधी ने लोकतंत्र में छात्रों की भूमिका के साथ असहमति और सवाल पूछने के महत्व को जोड़ा। उन्होंने तर्क दिया कि प्रगति और इनोवेशन के लिए जिज्ञासा जरूरी है।
उन्होंने कहा, हमने कहा कि जिज्ञासा आपकी संस्कृति, आपके इतिहास और आपकी जमीन से आती है। यही वह आधार है जिससे आप सवाल पूछते हैं। जिज्ञासा आपकी प्रगति की नींव भी है। आप जो कुछ भी करते हैं, कोई भी कारोबार जो खड़ा किया गया हो, कोई भी देश जो बना हो, कोई भी इनोवेशन, कोई कला, नृत्य या संगीत—आप जो भी अच्छा करते हैं, उसकी शुरुआत हमेशा आपके द्वारा पूछे गए एक सवाल से होती है।
इसलिए, सवाल पूछना जिज्ञासा की नींव है, और सवाल पूछना ही प्रगति की नींव भी है।
उन्होंने कहा, डेमोक्रेसी खुद ही जिज्ञासा पैदा करती है, लोकतंत्र में आपको सवाल पूछने का अधिकार है। वोट के जरिए आप चाहते हैं कि कौन सत्ता चलाएगा। लेकिन अब आपके वोट, कल्चर और जिज्ञासा पर अटैक हो रहा है।
मोदी जिज्ञासा की फाउंडेशन को नष्ट कर रहे हैं। वे वोट चोरी इलेक्शन चोरी कर रहे हैं।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की है।
बता दें कि दिल्ली में भारी सुरक्षा तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका गया, जबकि शहर में अलग-अलग जगहों पर लोगों को इकट्ठा होने से पुलिस ने रोका।
प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों सहित लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया था। कई मेट्रो स्टेशनों पर भी पाबंदियां लगाई गई थीं, और जब प्रदर्शनकारियों ने फिर से इकट्ठा होकर नारे लगाने की कोशिश की तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
