'राहुल गांधी कर रहे अराजकता की राजनीति', संसद मार्ग थाने पर धरने को लेकर भाजपा का हमला
राहुल गांधी ने पेलेट गन से घायल साहिल लोचब के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में धरना दिया, एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
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भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद(फोटो: एएनआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 20 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन से घायल हुए 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया है।
राहुल गांधी और कांग्रेस प्रतिनिधियों की मांग है कि जिम्मेदार सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर प्राथमिक एफआईआर बनाई जाए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस इस विशिष्ट शिकायत को आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं कर लेती, वे थाने से नहीं हटेंगे।
अराजकता फैला रहे हैं राहुल: भाजपा का पलटवार
राहुल गांधी के इस कदम पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि राहुल गांधी बिना किसी पूर्व अनुमति या सूचना के थाने में बैठकर अराजकता की राजनीति कर रहे हैं।
रविशंकर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने पहले ही सूचित कर दिया है कि जिस घटना का जिक्र किया जा रहा है, उस पर पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है और जांच जारी है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर चुका है।
भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी देश के किसी कानून का सम्मान नहीं करना चाहते? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी इस समय राष्ट्रगीत वंदे मातरम पर अपने रुख को लेकर बैकफुट पर है और उसी से ध्यान भटकाने के लिए यह सब किया जा रहा है। भाजपा ने राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा किए जा रहे इस प्रदर्शन की कड़े शब्दों में निंदा की है।
ऊपर के आदेश से रुक रही एफआईआर: राहुल गांधी का आरोप
घटना की गंभीरता रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि 20 जुलाई को पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ था और एम्स की रिपोर्ट के अनुसार पीड़ित के शरीर में 200 से अधिक छर्रे मौजूद हैं। इनमें से 3 छर्रे आंख में लगे हैं जिससे उसने देखने की क्षमता खो दी है, जबकि दिल के पास मौजूद छर्रों को छूना भी खतरनाक है।
राहुल गांधी ने कहा कि जब दिल्ली पुलिस पेलेट गन चलाने से इनकार कर रही है, तो साफ है कि अपराध हुआ है और किसी न किसी ने यह किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि ऊपर से आदेश होने के कारण वे एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के रहते न्याय मिलना संभव नहीं दिख रहा।
