'अमेरिका के लिए रास्ते खोल दिए, हमें क्या मिला?' ट्रेड डील पर राहुल गांधी का सरकार पर हमला
राहुल गांधी ने लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर हमला किया। ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए रास्ते खोल दिए गए लेकिन भारत को कुछ नहीं मिला।
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, "अमेरिका क्यों बता रहा है कि हम किससे तेल खरीदें? अमेरिका हमारे फैसले कैसे ले रहा है? सरकार ने देश को बेच दिया है। अमेरिका ने तेल खरीद पर पाबंदी लगा दी। ट्रंप कैसे तय कर सकते हैं कि हम तेल किससे खरीदें। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र भी अमेरिका के लिए खोल दिया गया है। सरकार ने किसानों के बारे में नहीं सोचा। ये ट्रेड डील पूरी तरह से सरेंडर है।"
'अमेरिका को सिर्फ भारत का डेटा चाहिए'
कांग्रेस सांसद ने कहा, "मैं सरकार को चेतावनी दूंगा कि AI के कई नतीजे होंगे; इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में सबसे आगे रहने वाली कंपनियों को मुश्किल होगी। अमेरिका को सिर्फ भारत का डेटा चाहिए। उसके लिए भारत का डेटा जरूरी है। सरकार ने अमेरिका को डेटा सौंप दिया। भारत ने अमेरिका को सबकुछ दे दिया। कोई भी पीएम इस तरह की डील नहीं कर सकता।"
'हम युद्ध के दौर में जा रहे हैं'
राहुल गांधी ने कहा, "मैं इकोनॉमिक सर्वे देख रहा था और मुझे उसमें दो बातें मिलीं। ठोस बातें, गहरी बातें जो मुझे पसंद आईं। पहली बात कि हम एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां जियोपॉलिटिकल टकराव बढ़ रहा है। अमेरिका के दबदबे को चीन, रूस, और दूसरी ताकतें चुनौती दे रही हैं। दूसरी बात यह है कि हम एनर्जी और फाइनेंशियल हथियारों की दुनिया में रह रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "यहां वे जो मुख्य बात कह रहे हैं, वह यह है कि हम स्थिरता की दुनिया से अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री और एनएसए ने चौंकाने वाली बात कही कि युद्ध का दौर खत्म हो गया है। असल में, हम युद्ध के दौर में जा रहे हैं। आप देख सकते हैं कि यूक्रेन में युद्ध है, गाजा में युद्ध था, मिडिल ईस्ट में युद्ध है, ईरान में युद्ध का खतरा है। सिंदूर में हमारे ऑपरेशन हुए थे।"
'डॉलर को दी जा रही चुनौती'
विपक्ष के नेता ने कहा, "तो हम अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। डॉलर को चुनौती दी जा रही है। जैसा कि दूसरी तरफ मेरे दोस्त समझते हैं, मुख्य खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है, अमेरिका के दबदबे को चुनौती दी जा रही है। हम एक सुपरपावर की दुनिया से किसी नई दुनिया में जा रहे हैं जो सच में हम अंदाजा नहीं लगा सकते।"
