नई दिल्ली (पीटीआई)। पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद उठ रहे विरोध के स्वर पर रिजर्व बैंक के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन का कहना है कि असहिष्णुता भारत के हित में नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारत के आर्थिक विकास के लिए सहिष्णुता बेहद जरूरी है। पिछले दो दशकों में राजन रिजर्व बैंक के पहले ऐसे गवर्नर रहे जिन्हें दूसरा कार्यकाल नहीं मिल सका। इसके लिए उनका 2015 में दिल्ली आइआइटी में दिया वक्तव्य रहा। इसमें उन्होंने देश में असहिष्णुता का माहौल बढ़ने की बात कही थी। उन्होंने यह वक्तव्य उप्र के मुजफ्फरनगर में एक मुस्लिम व्यक्ति की पीट-पीटकर की गई हत्या के बाद दिया था।

लोगों को शक था वह गोमांस का सेवन करता था। उस समय राजन की आलोचना भी की गई, लेकिन राजन का कहना है कि उन्हें उस पर कोई पछतावा नहीं है, क्योंकि जो कहा था वह सच था। उनका कहना है कि इसके लिए सरकार की तरफ से उन पर कोई दबाव नहीं बनाया गया। वक्तव्य आने के एक हफ्ते बाद एक केंद्रीय मंत्री ने उनसे खुद कहा था कि उनके विचार सही थे।

उनका कहना है कि निजता पर दिया गया सुप्रीम कोर्ट का निर्णय देश में सहिष्णुता कायम करने में कारगर साबित हो सकता है। राजन का कहना है कि देश की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी है कि इस तरह के माहौल को पनपने से रोका जाए।

यह भी पढ़ें: मुझे नोट बदलवाने अमेरिका से भारत आना पड़ा, नहीं थी नोटबंदी की जानकारी: राजन

यह भी पढ़ें: जीडीपी ग्रोथ को बूस्ट देने के लिए इंफ्रा, पावर और एक्सपोर्ट पर ध्यान देने की जरूरत: राजन

 

Posted By: Kishor Joshi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप