नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय वायुसेना की राफेल प्रोजेक्ट टीम के पेरिस स्थित आफिस में पिछले महीने चोर दरवाजा तोड़कर अंदर घुस आए थे। लेकिन एक साइबर फारेंसिक टीम ने जांच के दौरान पाया है कि इस दफ्तर के कंप्यूटरों से कोई भी डाटा नहीं चुराया गया है।

रक्षा सूत्रों का कहना है कि वायुसेना के साइबर फारेंसिक के तीन विशेषज्ञों का कहना है कि पेरिस स्थित दफ्तर में एक अज्ञात व्यक्ति के घुस आने के बावजूद भारतीय राफेल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम से कोई भी डाटा चुराया नहीं जा सका है।

रक्षा सूत्रों के मुताबिक भारतीय वायुसेना को यह जानकारी मिलने पर कि एक सप्ताहांत दफ्तर में कोई घुस आया था तुरंत एक तीन सदस्यीय जांच दल पेरिस के लिए रवाना कर दिया गया। यह टीम यह जानने के लिए फ्रांस भेजी गई थी कि इस घुसपैठ के दौरान क्या कोई दस्तावेज चुराया गया या कॉपी किया गया है?

रक्षा मंत्रालय को भी बता दिया गया है कि वायुसेना के आफिस से कोई भी डाटा नहीं चुराया गया है। राफेल प्रोजेक्ट टीम का नेतृत्व एक ग्रुप कैप्टन रैंक का अफसर कर रहा है जो 36 राफेल युद्धक विमान से जुड़े मुद्दों को देखता है। इसमें प्रोडक्शन की टाइम लाइन से लेकर भारतीय अफसरों का प्रशिक्षण तक शामिल है। वह इन बातों का भी खयाल रखेगा कि मेंटनेंस के लिए किसका प्रशिक्षण होना है। विमान के फ्लाइंग ऑपरेशन कौन देखेगा।

राफेल की टीम पेरिस के सेंट क्लाउड उपनगरीय क्षेत्र की एक बहुमंजिला इमारत में बैठती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

सूत्रों ने बताया है कि दफ्तर में चोरी से घुसने का मकसद डाटा चुराने से लेकर कीमती सामान या नकद चोरी करना हो सकता है, जोकि ऐसे प्रशासनिक दफ्तरों में नहीं रखा जाता है। भारतीय राफेल टीम आफिस फ्रेंच कंपनी डसाल्ट एविएशन के आफिस ब्लाक में ही स्थित है।

Posted By: Nitin Arora

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप