नई दिल्ली, प्रेट्र। घने जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार उन्नत एरियल निगरानी उपकरण खरीदने की योजना बना रही है। घने वन क्षेत्र पर निगाह रखने के लिए सघनता भेदी रडार खरीदे जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ एवं अन्य क्षेत्रों के घने जंगलों में सक्रिय नक्सलियों की हरकतों का पता लगाने में मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को सीआरपीएफ के 25 जवान नक्सली हमले में मारे गए। इस घटना के बाद इस कदम पर विचार किया जा रहा है।

गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जंगलों की सघनता भेदने वाले रडार समय की मांग है। सरकार जल्दी ही ऐसे रडार हासिल करने जुटी है। सघन वन क्षेत्रों में ही नक्सली सक्रिय हैं। सुरक्षा बलों को मानवरहित हवाई साधनों से खुफिया सूचनाएं जुटाने में कठिनाई हो रही है। ऐसे साधन सघन वन क्षेत्र में जमीन की वास्तविक स्थिति का पता नहीं लगा पाते हैं। सघनता भेदी रडार जमीन पर होने वाली नक्सली गतिविधि का पता लगाने में सक्षम रहेंगे। इसका कारण यह है कि रडार से अत्यंत घने जंगली इलाके में भी तस्वीर ली जा सकेगी।

अधिकारी ने कहा कि दुनिया में केवल कुछ कंपनियां ही सघनता भेदी रडार बनाती हैं। इस बात का ध्यान रखते हुए ऐसे निर्माताओं का जल्दी से जल्दी पता लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।

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Posted By: Manish Negi

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