Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भारत समेत पूरी दुनिया में ए-320 विमानों में आई तकनीकी समस्या, सॉफ्टवेयर अपडेट करने में जुटीं एयरलाइंस

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 09:30 PM (IST)

    एयरबस ए-320 विमानों में तकनीकी समस्या आने के बाद दुनिया भर में सॉफ्टवेयर अपग्रेड का काम चल रहा है। सौर विकिरण के कारण विमान के कंप्यूटर में खराबी आई। भारत में डीजीसीए ने 30 नवंबर तक सभी विमानों को अपडेट करने का आदेश दिया है। एयरलाइंस यात्रियों से धैर्य रखने का अनुरोध कर रही हैं।

    Hero Image

     एयरबस ए-320 के विमानों में तकनीकी समस्या। (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एयरबस ए-320 परिवार के हजारों विमानों में एक गंभीर तकनीकी समस्या सामने आने के बाद पूरी दुनिया की एयरलाइंस पिछले 24 घंटे से लगातार इनमें सॉफ्टवेयर अपग्रेड का काम कर रही हैं। समस्या इतनी गंभीर है कि यूरोप, अमेरिका, भारत, जापान समेत सभी बड़े देशों की नागरिक विमानन क्षेत्र की नियामक एजेंसियो ने एक तरफ से इमरजेंसी घोषित कर अनिवार्य तरीके से संबंधित सॉफ्टेवयर को अपडेट कर अनिवार्य सुधार के आदेश दिए हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    भारत की तीन प्रमुख विमानन कंपनियों इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस की 338 विमानों (ए-320 श्रेणी की) में भी संबंधित सॉफ्टवेयर में उन्नयन करने का काम चल रहा है। डीजीसीए ने शनिवार को ही अनिवार्य निर्देश जारी कर दिया है कि 30 नवंबर सुबह तक सभी विमानों का काम पूरा होना चाहिए। अच्छी बात यह है कि भारत में अभी तक एक भी उड़ान रद्द नहीं हुई है और कल सुबह से सब कुछ पूरी तरह सामान्य हो जाएगा।

    जांच में क्या पता चला?

    वैश्विक विमानन क्षेत्र की इस नई समस्या की जड़ पिछले महीने अमेरिकी एयरलाइन जेटब्लू के एक ए-320 विमान में हुई घटना है, जिसमें उड़ान के दौरान अचानक विमान की नाक नीचे की ओर झुक गई और कुछ सेकंड के लिए ऊंचाई में हल्की गिरावट आई। जांच में पता चला कि बहुत तेज सौर विकिरण की वजह से विमान को उपर-नीचे होने और दायें-बायें मुड़ने की प्रक्रिया को नियंत्रण करने वाले सॉफ्टवेयर एलीवेटर एइलरॉन कंप्यूटर (ईएलएसी) में मौजूद महत्वपूर्ण डेटा करप्ट हो गया था। डेटा करप्ट होने ने हवा में ही विमान के अचानक तेजी से नीचे जाने की खतरनाक स्थिति बन सकती है।

    एयरबस ने क्या कहा?

    इस बारे में एयरबस ने भी बताया है कि दुनिया भर में हजारों ए-320 परिवार के विमानों में पुराना सॉफ्टवेयर लगा है, वह इस सौर विकिरण का मुकाबला नहीं कर पाता। इसलिए नया सॉफ्टवेयर तुरंत डालना जरूरी है। कुछ पुराने विमानों में ईएलएसी हार्डवेयर को बदलना भी पड़ रहा है।

    डीजीसीए की तरफ से जारी सूचना के मुताबिक भारत में इंडिगो (200 विमान), एयर इंडिया (113) और एयर इंडिया एक्सप्रेस (25) सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सभी एयरलाइंस ने अपने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद आदि बेस पर इंजीनियरों की अतिरिक्त टीमें लगा रखी हैं और रात-दिन काम चल रहा है। देर शाम तक 189 विमानों मे संबंधित सॉफ्टवेयर अपडेट किया जा चुका है। एक विमान में इसके लिए एक घंटे तक का समय लग रहा है।

    डीजीसीए ने जारी किए निर्देश

    डीजीसीए ने अनिवार्य निर्देश जारी कर दिया है कि 30 नवंबर सुबह 5.29 बजे तक तक सभी विमानों में संबंधित काम पूरा होना चाहिए।विमानन कंपनियों की तरफ से बताया गया है कि यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो रही है, लेकिन यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य पर पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

    यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक करें और थोड़ा धैर्य रखें। एयर इंडिया ने कहा है कि सुरक्षा से ज्यादा जरूरी कुछ नही है। उसने 40 फीसद से ज्यादा विमानों का काम पूरा कर लिया है और समय से पहले सारा काम खत्म कर लेगा। हालांकि अभी तक एयर इंडिया की कोई उड़ान रद्द नहीं हुई है।

    यह भी पढ़ें: सोलर रेडिएशन से Airbus डगमगाया; भारत पर असर कितना, 6000 हवाई जहाज रिकॉल करने की Inside Story