जागरण संवाददाता, प्रतापगढ़। राजा भैया और उनके करीबियों पर धमकी देने की तहरीर देने के बाद सीबीआइ के कैंप कार्यालय से बाहर निकले प्रधान के भाई पवन के आंसुओं ने नया सवाल खड़ा कर दिया है। किसी को यह बात समझ में नहीं आ रही है कि आखिर वह कौन सी बात हो गई, जो पहली बार पवन के आंखों से आंसू निकल आए।

प्रधान नन्हें यादव समेत तिहरे हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआइ टीम होली के पहले पूरी तरह प्रधान के घर इर्द-गिर्द सिमट कर रह गई थी। प्रधान के भाइयों फूलचंद्र, पवन व सुधीर, बेटे बबलू व भतीजे डब्लू से कई बार पूछताछ की। इसके बाद सीओ की पिस्टल बरामद होने के बाद प्रधान के घर पुलिस का पहरा लगा दिया गया।

होली के पहले अचानक प्रधान के परिजन राजा भैया व उनके करीबियों पर धमकी देने का आरोप लगाने लगे। पवन व सुधीर ने कहा कि तहरीर तैयार हो गई है। होली बाद सीबीआइ के अधिकारियों को तहरीर सौंप दी जाएगी। सुधीर की माने तो तहरीर लेकर पवन शुक्रवार की पूर्वाह्न लगभग 11 बजे कुंडा स्थित सीबीआइ के कैंप कार्यालय पर गया है।

देर शाम तक वह अंदर ही रहा। शाम लगभग पौने छह बजे एएसपी आशाराम यादव सीबीआइ के कैंप कार्यालय में दाखिल हुए। डेढ़ घंटे बाद एएसपी के जाने के कुछ देर बाद शाम लगभग पौने आठ बजे पवन बाहर निकला तो वह रो रहा था। उसकी आंखों में आंसू देख हर कोई हतप्रभ रह गया। वह सहमा सहमा सा दिख रहा था।

मीडिया वालों से भी वह बात करने को तैयार नहीं था। उससे जब तहरीर देने के बारे में पूछा गया तो वह बिना कुछ बताए आंसू पोछते हुए चला गया।

आखिर ऐसा क्या हो गया जो कल तक पूरी बात खुल कर बताने वाला पवन अचानक चुप हो गया। राजा भैया समेत अन्य के खिलाफ पवन की ओर से सीबीआइ को तहरीर देने के बारे में पूछने पर एसपी एलआर कुमार व एएसपी आशाराम यादव ने जानकारी से इंकार कर दिया।

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