जेएनएन, नई दिल्ली। कोरोना के खिलाफ जंग में सबसे महत्वपूर्ण अंग बने क्वारंटाइन सेंटरों में उपलब्ध सुविधाएं सवालों के घेरे में हैं। यहां तक कि इन क्वारंटाइन सेंटरों में भोजन की दरें भी समान नहीं हैं। एक ही राज्य में अलग-अलग स्थिति है। कहीं भोजन का पूरा खर्च सरकार उठा रही है तो कहीं खुद लोग या समाजसेवी संगठन इसके लिए आगे आ रहे हैं।

भाजपा शासित हिमाचल प्रदेश के क्वारंटाइन सेंटरों में प्रति व्यक्ति के भोजन पर रोज 150 रुपये खर्च हो रहे हैं। सुबह के नाश्ते के लिए 25 रुपये, दोपहर के भोजन के लिए 50 रुपये, शाम के नाश्ते के लिए 25 रुपये और रात के भोजन के लिए 50 रुपये निर्धारित है। यहां भोजन का खर्च सरकार वहन कर रही है। होटल में क्वारंटाइन होने पर खाने का खर्च स्वयं वहन करना होगा। इन्हें घर से खाना मंगवाने की इजाजत भी दी गई है।

पंजाब में प्रति व्यक्ति दो सौ रुपये का खर्च

पंजाब में प्रति व्यक्ति पर रोज दो सौ रुपये खर्च आ रहा है। सुबह उठते ही चाय, ब्रेड और बिस्किट दिया जाता है। इसका खर्च 20 रुपये है। नाश्ते में दही के साथ तीन परांठे दिए जाते हैं, जिसका खर्च 40 रुपये है। दोपहर के खाने में दाल, सब्जी, तीन रोटी और चावल दिए जाते हैं जिसका खर्च 60 रुपये है। रात को मिक्स सब्जी, दाल, रोटी और चावल के साथ-साथ फल दिए जाते हैं जिसका खर्च 80 रुपये है।

उत्तराखंड में हालात बिल्कुल अलग हैं। एक ही जिले में तीन से चार दरों पर खाना उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ जिलों में होम क्वारंटाइन का खर्च भी सरकार उठा रही है, जबकि कई जगहों पर यह जिम्मेदारी संबंधित परिवार उठा रहे हैं। 120 रुपये से 1250 रुपये तक एक व्यक्ति पर खर्च हो रहा है। ऋषिकेश स्थित क्वारंटाइन सेंटर में प्रति व्यक्ति पूरे दिन की खर्च सीमा 300 रुपये तय की गई है, लेकिन मसूरी में यह 450 रुपये है। देहरादून में 194 रुपये रखा गया है।

मप्र में स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं

मध्यप्रदेश में स्थिति और भी विचित्र है। यहां क्वारंटाइन सेंटर और कोविड-19 अस्पताल में होने वाले खर्च को लेकर सरकार कोई स्पष्ट नियम नहीं बना सकी है। स्वास्थ्य संचालनालय के निदेशक वी. विजय कुमार ने स्वीकार किया कि नाश्ता और भोजन को लेकर अलग से कोई दाम तय नहीं है। क्वारंटाइन सेंटरों में जिला स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। इंदौर सहित कई जिलों में सबकुछ दानदाता उठा रहे हैं। राजधानी भोपाल में भोजन पर प्रति व्यक्ति 190 रुपये रोज खर्च हो रहा है। सबसे ज्यादा 300 रुपये का भुगतान जबलपुर में किया जा रहा है। बालाघाट जैसे आदिवासी बहुल जिले में क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे एक व्यक्ति पर केवल 40 रुपये भोजन पर खर्च किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में एकरूपता नहीं

छत्तीसगढ़ में क्वारंटाइन सेंटरों में खर्च के लिए हर जिले में अलग-अलग पैमाने हैं। महासमुंद जिले के कुछ सेंटरों में 60 रुपया प्रति व्यक्ति रोज खर्च किया जा रहा है तो बिलासपुर में 120 रुपये तय है। राजधानी रायपुर में कोई राशि ही तय नहीं है।

क्वारंटाइन सेंटर और भोजन की दरें (प्रति व्यक्ति रुपये में)

हिमाचल -           150

पंजाब -               200

हरियाणा -           175

भोपाल (मप्र)--     190

मसूरी (उत्तराखंड) 450

Posted By: Dhyanendra Singh

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