दो महीने में दूसरी बार मिलेंगे क्वाड देशों के विदेश मंत्री, हिंद-प्रशांत सुरक्षा और चीन की चुनौतियों पर होगी खास चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर मनीला में आसियान और क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे।

क्वाड देशों के विदेश मंत्री। (रॉयटर्स)
HighLights
विदेश मंत्री जयशंकर मनीला में आसियान-क्वाड बैठक में शामिल होंगे।
क्वाड विदेश मंत्रियों की दो महीने में यह दूसरी मुलाकात है।
हिंद-प्रशांत सुरक्षा, चीन की चुनौतियों पर होगी विशेष चर्चा।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर इस हफ्ते (22-23 जुलाई) को फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने पहुंच रहे हैं। इस दौरान क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) देशों के विदेश मंत्रियों की भी बैठक होगी।
सूत्रों के अनुसार, यह बैठक अमेरिका की पहल पर आयोजित हो रही है। यह पिछले दो महीनों में क्वाड विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दिनों में क्वाड को अपेक्षाकृत कम महत्व दिया गया था, लेकिन अब ट्रंप प्रशासन इस समूह को लेकर गंभीरता दिखा रहा है।
हाल ही में 26 मई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के मनीला में फिर से मुलाकात हो रही है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिका यात्रा की तैयारी चल रही है।
2025 में नहीं हो पया था क्वाड शिखर सम्मेलन
कुछ दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने भी चीन की यात्रा की थी। चीन के साथ संबंधों को सुधारने में जुटी ट्रंप सरकार ने संभवत: रणनीतिक वजह से पहले क्वाड को लेकर खास सक्रियता नहीं दिखाई थी। इसकी वजह से ही अभी तक क्वाड शिखर सम्मेलन नहीं हो पाया है।
क्वाड विदेश मंत्रियों की नई दिल्ली बैठक के बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (एफओआइपी) की वकालत की थी। इसमें क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, समुद्री सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, कानून के शासन और किसी भी देश द्वारा जबरन स्टेटस को बदलने का विरोध प्रमुख रूप से शामिल था।
घोषणा में इंडो-पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन की मजबूती, समुद्री डोमेन अवेयरनेस और मानवीय सहायता जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का ऐलान किया गया था। साथ ही साउथ चाइना सी में खतरनाक गतिविधियों और यूनिलेटरल कार्रवाइयों की चिंता जताई गई थी।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
सूत्रों का कहना है कि मनीला बैठक में इन मुद्दों को आगे बढ़ाया जाएगा। विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, सप्लाई चेन रेजिलिएंस, क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क और क्षेत्रीय चुनौतियों (जिसमें चीन की बढ़ती गतिविधियां शामिल) पर फोकस रह सकता है।
आसियान बैठक के दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक को इस क्षेत्र में संतुलन स्थापित करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। यह इस बात का संकेत है कि आसियान फोरम के साथ क्वाड हिंद प्रशांत में व्यापक सहयोग की तरफ बढ़ना चाहता है।
क्वाड शिखर सम्मेलन पिछले वर्ष 2025 में भारत में आयोजित होना था, लेकिन नहीं हो सका। हालिया नई दिल्ली बैठक में आगामी शिखर सम्मेलन को लेकर कोई स्पष्ट ऐलान नहीं किया गया। संभवतः यह अगले वर्ष भारत में ही आयोजित हो।
