नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अमेरिका, भारत, आस्ट्रेलिया और जापान के बीच गठित क्वाड गठबंधन के नेताओं का पहला शिखर सम्मेलन 24 सितंबर को होने जा रहा है। इसके पहले मार्च 2021 में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की अध्यक्षता में भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी, आस्ट्रेलिया के पीएम स्काट मारीसन और जापान के पीएम योशिहिदे सुगा की वर्चुअल बैठक हुई थी। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी अगले हफ्ते अमेरिका रवाना होंगे। बैठक में क्वाड के गठन के मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति को लेकर साझा रणनीति पर तो चर्चा होगी ही, कोरोना के खिलाफ सहयोग और अफगानिस्तान का मुद्दा भी काफी अहम होगा।

23 सितंबर को होगी मोदी-बाइडन की पहली द्विपक्षीय वार्ता

पीएम मोदी की यह अमेरिका यात्रा कई मायने में महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान 23 सितंबर को उनकी राष्ट्रपति बाइडन के साथ पहली द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। मोदी की आस्ट्रेलिया के पीएम मारीसन के साथ भी 23 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक होने को लेकर दोनों देशों के बीच विमर्श चल रहा है। फरवरी 2020 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान द्विपक्षीय बैठक के बाद से दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तरीय बैठक नहीं हो पाई है। मोदी और बाइडन के बीच टेलीफोन पर ही कुछ मिनटों के लिए वार्ता हुई है और वह भी सीमित मुद्दों पर। ऐसे में बाइडन के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ रिश्तों की दिशा तय करने में उनकी मोदी के साथ होने वाली बैठक काफी अहम होगी।

पीएम मोदी ने सितंबर 2019 में अमेरिका की यात्रा की थी

दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच यह सहमति है कि शीर्ष नेताओं के बीच आमने-सामने की बैठक में अब ज्यादा देरी नहीं होनी चाहिए। पीएम मोदी ने सितंबर 2019 में अमेरिका की यात्रा की थी। तब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के साथ ह्यूस्टन शहर में हाउडी मोदी कार्यक्रम को संबोधित किया था। विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि 25 सितंबर, 2021 को पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के सालाना अधिवेशन को भी संबोधित करेंगे। उनकी कुछ दूसरे देशों के प्रमुखों के साथ भी बैठक होगी। बहरहाल, पूरी यात्रा के दौरान क्वाड सम्मेलन सबसे अहम रहने वाला है।

चारों नेता 12 मार्च को हुई वर्चुअल बैठक के फैसले की समीक्षा करेंगे

विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि चारों नेता 12 मार्च, 2021 को हुई वर्चुअल बैठक के दौरान लिए गए फैसले की समीक्षा करेंगे। खास तौर पर कोरोना टीकाकरण को लेकर किस तरह से आगे बढ़ा जाए, इसकी समीक्षा होगी। चारों देशों के बीच कोरोना महामारी को नष्ट करने के लिए ¨हद प्रशांत क्षेत्र के देशों को वैक्सीनेशन में मदद देने की रणनीति बनी है। इसके लिए अमेरिका पैसा दे रहा है, जापान तकनीकी मदद दे रहा है, जबकि भारत में वैक्सीन का निर्माण होना है। यह कार्यक्रम वर्ष 2022 से लागू किया जाना है।

बैठक की तैयारी से चीन को लगी मिर्ची, कहा-कोई भविष्य नहीं

भारत और अमेरिका की तरफ से क्वाड शिखर सम्मेलन की मंगलवार सुबह घोषणा की गई और इसके तुरंत बाद चीन ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि इसका कोई भविष्य नहीं है। चीन सरकार ने कहा कि इस संगठन से दूसरे देशों पर निशाना लगाने की मंशा पूरी नहीं होगी और यह असफल साबित होगा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी कहा है कि इसके सदस्य देशों को शीत युद्ध कालीन मानसिकता छोड़ देनी चाहिए व क्षेत्रीय सहयोग के लिए कदम उठाना चाहिए। क्वाड को लेकर चीन हाल के दिनों में काफी मुखर हो गया है। चार दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन की तरफ से आने वाली इन प्रतिक्रियाओं को लेकर कहा था कि किसी को गलतबयानी नहीं करनी चाहिए। जयशंकर ने क्वाड को भविष्य बताया था।

Edited By: Ramesh Mishra