QS रैंकिंग: दुनिया के टॉप 100 मैनेजमेंट संस्थानों में 3 भारतीय बिजनेस-स्कूल, IIM बैंगलोर भारत का नंबर-1
क्यूएस ग्लोबल एमबीए रैंकिंग 2027 में तीन भारतीय आईआईएम शीर्ष 100 में शामिल हैं, हालांकि उनकी रैंकिंग गिरी है।

तीन भारतीय आईआईएम वैश्विक शीर्ष 100 एमबीए संस्थानों में शामिल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वैश्विक शिक्षा जगत से भारत के लिए गर्व और आत्ममंथन दोनों लाने वाली खबर सामने आई है। नवीनतम 'क्यूएस ग्लोबल एमबीए एंड बिजनेस मास्टर्स रैंकिंग 2027' के अनुसार, भारत के तीन प्रमुख भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) दुनिया के शीर्ष 100 एमबीए संस्थानों में अपनी जगह बचाने में कामयाब रहे हैं।
हालांकि, रोजगार मिलने की क्षमता और अकादमिक प्रतिष्ठा में सुधार के बावजूद वैश्विक प्रतिस्पर्धा और वित्तीय लाभ यानी 'वैल्यू-फार-मनी' के मोर्चे पर कमजोर स्कोर के कारण इन तीनों ही शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग में इस बार गिरावट दर्ज की गई है।
भारत के 19 मैनेजमेंट संस्थान लिस्ट में शामिल
दुनियाभर के 65 देशों के 420 से अधिक बेहतरीन वैश्विक एमबीए प्रोग्राम का विश्लेषण करने वाली इस प्रतिष्ठित सूची में भारत की कुल भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है।
साल 2020 में जहां रैंकिंग में केवल पांच भारतीय संस्थान शामिल थे, वहीं 2027 में यह संख्या तीन गुना से अधिक बढ़कर 19 हो गई है। इस बार पांच नए भारतीय संस्थानों ने भी इस सूची में अपनी शुरुआत की है, जो वैश्विक मंच पर देश के बढ़ते शैक्षणिक प्रभाव को दर्शाता है।
हालांकि, शीर्ष संस्थानों के पायदान नीचे खिसके हैं। देश में सबसे ऊपर रहने वाला आईआईएम बैंगलोर 12 स्थान लुढ़ककर संयुक्त रूप से 64वें स्थान पर आ गया है।
इसी तरह, आईआईएम अहमदाबाद भी 12 पायदान फिसलकर संयुक्त रूप से 70वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि आईआईएम कलकत्ता को सबसे बड़ा झटका लगा है और वह 31 स्थान नीचे गिरकर 95वें स्थान पर आ गया है। इसके बावजूद, ये तीनों संस्थान वैश्विक टाप-100 में बने रहने वाले भारत के एकमात्र प्रतिनिधि बने हुए हैं।
कैसे डिसाइड होती है रैंकिंग?
रैंकिंग के विस्तृत आंकड़ों से एक दिलचस्प विरोधाभास सामने आता है। जहां एक ओर इन संस्थानों ने 'एम्प्लायबिलिटी' (नियोक्ता योग्यता) और 'थॉट लीडरशिप' के क्षेत्र में सुधार दिखाया है, वहीं वित्तीय रिटर्न का स्कोर काफी गिर गया है।
आईआईएम बैंगलोर का वैल्यू-फार-मनी स्कोर 91 से गिरकर 57.4, अहमदाबाद का 88.9 से 60.5 और कलकत्ता का 78.9 से 53.3 रह गया है।
क्यूएस के अध्यक्ष नुंजियो क्वाक्कारेली ने कहा कि भारतीय बिजनेस स्कूल अपनी अंतरराष्ट्रीय साख लगातार बढ़ा रहे हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर अन्य संस्थान रिटर्न आन इन्वेस्टमेंट और उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे निकल रहे हैं।
इसके बावजूद, रोजगार के मामले में भारतीय संस्थान आज भी वैश्विक स्तर पर लोहा मनवा रहे हैं। आईआईएम बैंगलोर इस पैमाने पर वैश्विक स्तर पर 29वें और एशिया में दूसरे स्थान पर है, जबकि अहमदाबाद 35वें और कलकत्ता 39वें स्थान पर काबिज हैं।
