नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। ऑस्ट्रेलिया की विमानन कंपनी क्वांटास ने अब तक की बिना रुके सबसे लंबी यात्री उड़ान को अंजाम दिया है। अंतरराष्ट्रीय उड्डयन क्षेत्र में इसे ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया जा रहा है। ‘प्रोजेक्ट सनराइज’नामक सबसे लंबी दूरी की इस हवाई यात्रा के माध्यम चालक दल और यात्रियों पर पड़ने वाले असर का भी आकलन किया गया। 49 यात्रियों के साथ बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर ने न्यूयार्क से उड़ान भरी। बिना रुके 16,200 किमी की यात्रा करके 19 घंटे 16 मिनट बाद सकुशल सिडनी पहुंचा।

परीक्षण उड़ान

लंबी दूरी की हवाई यात्राओं पर चालक दल और यात्रियों पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर का अध्ययन करने के लिए इस उड़ान में सिर्फ 49 लोग बैठे थे। इनमें अधिकांश क्वांटास के कर्मचारी थे। पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने व्यायाम और योग किया, कैफीन का सेवन किया और रात में सामान्य भोजन की जगह मसालेदार भोजन का आनंद लिया

नींद का रखा गया खयाल

उड़ान के छह घंटे बाद यात्रियों के कार्बोहाइड्रेट की उच्च मात्रा वाला भोजन परोसा गया। स्क्रीन की तरफ देखने से मना किया। विमान की लाइटें मंद कर दी गईं जिससे सभी लोग आराम से नींद ले सकें।

बढ़ता क्षेत्र

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आइएटीए) के अनुसार सालाना हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की वैश्विक संख्या अभी 4.6 अरब है। 2037 तक इसके 8.2 अरब होने का अनुमान है।

यात्रियों पर हुए परीक्षण

यात्रा के दौरान मूत्र के नमूने लिए गए, जिससे उनके शरीर में मेलाटोनिन की मात्रा का पता चल सके। यही हार्मोन व्यक्ति के नींद चक्र को नियंत्रित करता है। यात्रा के दौरान तमाम प्रयोगों के लिए छह स्वयंसेवियों ने कंपनी को अपनी सेवाएं दीं। यात्रा के दौरान यात्रियों से प्राप्त सभी आंकड़े और नमूनों को ऑस्ट्रेलियन सिविल एविएशन सेफ्टी अथॉरिटी से साझा किया जाएगा। जिससे 20 घंटे से ज्यादा की उड़ानों के लिए वह नए मानक तैयार कर सके और यात्रियों को जेटलैग से बचाया जा सके। प्रस्थान और आगमन के बीच ज्यादा अंतर और पश्चिम की अपेक्षा पूर्व की ओर हवाई उड़ान के दौरान यात्रियों को ज्यादा जेटलैग महसूस होता है।

चालक दल

पूरी यात्रा के लिए चार पायलटों की तैनाती की गई। जिन्हें क्रमवार अपनी ड्यूटी निभानी थी। इसके अतिरिक्त दो पायलटों की और तैनाती की गई। इन पायलटों को विशेष हेडबैंड दिए गए थे जो इनके दिमाग की गतिविधियों को माप रहे थे। कॉकपिट में लगे कैमरे पायलट की चैतन्यता पर निगाह रखे हुए थे।

ऑस्ट्रेलियाई विमानन

के लिए यह वाकई ऐतिहासिक क्षण है और अंतरराष्ट्रीय उड्डयन क्षेत्र के लिए भी यह गौरव का क्षण है। यदि परीक्षण उड़ान के आंकड़े इस नॉन स्टॉप फ्लाइट को लेकर सकारात्मक रहते हैं और यात्रियों और चालक दल के लिए इससे कोई स्वास्थ्य खतरा नहीं दिखता तो 2022-23 से नियमित उड़ाने शुरू की जा सकती हैं।

एलन ज्वायसी, सीईओ-क्वांटास

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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