तमिलनाडु के 1300 साल पुराने मंदिर में इतिहास रचने की तैयारी, बिना सीमेंट-स्टील के बनेगा 125 फीट ऊंचा भव्य राजगोपुरम
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली स्थित 1,300 साल पुराने पुंडरीकाक्ष पेरुमल मंदिर में 125 फुट ऊंचा राजगोपुरम पारंपरिक तकनीकों से बनाया जा रहा है।

पुंडरीकाक्ष पेरुमल मंदिर में बन रहा 125 फीट ऊंचा राजगोपुरम

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डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली के निकट तिरुवेल्लराई स्थित 1,300 साल पुराने पुंडरीकाक्ष पेरुमल मंदिर में 125 फुट ऊंचा राजगोपुरम बनाया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि निर्माण में सीमेंट और स्टील के बजाय पारंपरिक तकनीकों तथा प्राकृतिक सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परियोजना पर करीब 14.65 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर 108 दिव्य देशों में शामिल है। माना जाता है कि इसकी स्थापना पल्लव काल में आठवीं या नौवीं शताब्दी के दौरान हुई थी।
मंदिर में प्राचीन शिलालेख, शैलकृत गुफाएं और स्वास्तिक आकार का सीढ़ीदार जलकुंड भी है। मंदिर का राजगोपुरम सदियों से अधूरा था। पहले इसकी ऊंचाई लगभग 60 फुट थी और इसमें दो मंजिलें थीं। अब इसे सात मंजिलों वाला बनाकर शीर्ष पर सात कलश स्थापित किए जाएंगे।
परियोजना से जुड़े इंजीनियर और दानदाता वी.एस. जयबाल के अनुसार, निर्माण में चूने के गारे और विशेष रूप से तैयार ईंटों का उपयोग हो रहा है। केरल के त्रिशूर से करीब 12 लाख ईंटें मंगाई गई हैं। पारंपरिक निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इलुप्पई लकड़ी सहित प्राकृतिक सामग्रियों को भी महत्व दिया जा रहा है।
(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
