Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    नासिक के 'तपोवन' में पेड़ों की कटाई का हो रहा विरोध, राज और उद्धव भी विवाद में कूदे

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:11 PM (IST)

    नासिक के तपोवन में पेड़ों की कटाई का विरोध जारी है, जिसमें अब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी शामिल हो गए हैं। स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के बाद, इन नेताओं के हस्तक्षेप से यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है। पर्यावरण को नुकसान की आशंका के चलते कटाई का विरोध किया जा रहा है, और सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की गई है।

    Hero Image

    उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे। (पीटीआई)


    राज्य ब्यूरो, मुंबई। नासिक कुंभ से पहले नासिक में 'साधु ग्राम' बनाने के लिए पेड़ों की कटाई की महाराष्ट्र सरकार की योजना का विरोध बढ़ता जा रहा है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि देवेंद्र फडणवीस सरकार को लोगों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और संघर्ष को बढ़ने नहीं देना चाहिए।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    शनिवार को राज ठाकरे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कुंभ मेले के बहाने पेड़ों को काटकर जमीन अपने ‘पसंदीदा उद्योगपतियों’ को दान करने की योजना बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार टकराव वाला रुख अपनाती है, तो उनकी पार्टी इस लड़ाई में जनता के साथ खड़ी होगी।

    सरकार में भागीदार अजीत पवार की राकांपा के सदस्य एवं अभिनेता सयाजी शिंदे ने शनिवार को नासिक के तपोवन क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि अगर सरकार पेड़ों को काटने पर अड़ी रही तो वह सरकार के खिलाफ जाएंगे।

    संतों के लिए ‘साधु ग्राम’ बनाने की योजना

    31 अक्टूबर, 2026 से शुरू होने वाले कुंभ मेले से पहले, तपोवन क्षेत्र के 1,200 एकड़ क्षेत्र में धर्मगुरुओं और संतों के लिए ‘साधु ग्राम’ बनाने की योजना है। 1,670 पेड़ों को हटाने के लिए चिह्नित किया गया था। प्रकृति प्रेमियों और नागरिकों का दावा है कि इनमें से कुछ पेड़ 100 साल पुराने हैं। इसलिए नासिक नगर निगम द्वारा पेड़ों की कटाई के लिए जारी किए गए नोटिस पर सैकड़ों आपत्तियां दर्ज की गईं।

    मनसे को पेड़ काटने का किया विरोध

    नासिक में पेड़ कटाई का विरोध करते हुए एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट में राज ठाकरे ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब नासिक में कुंभ मेला हो रहा है। जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) नासिक महानगरपालिका में सत्ता में थी, तब बुनियादी ढांचे के कई काम किए गए थे। नासिक में सत्ता में रहते हुए, मनसे को पेड़ काटने की जरूरत महसूस नहीं हुई।

    राज ठाकरे ने कहा कि सरकार को यह खोखला आश्वासन नहीं देना चाहिए कि नए पेड़ किसी और जगह लगाए जाएंगे। क्योंकि ऐसा कभी होता ही नहीं। और अगर सरकार के पास कहीं और पांच गुना ज्यादा पेड़ लगाने की जगह है, तो वहां ‘साधु ग्राम’ क्यों नहीं बनाया जाता।

    उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना सरकार की मंशा- राज ठाकरे

    मनसे अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए साधुओं का बहाना बनाकर अवसरवादिता का सहारा नहीं लेना चाहिए। आज कुंभ मेले के बहाने पेड़ काटे जाएंगे। साधुओं के नाम पर जमीन समतल की जाएगी और फिर उसे अपने पसंदीदा उद्योगपतियों को दान कर दिया जाएगा। ऐसा लगता है कि इस सरकार की यही एकमात्र सोच है।

    सरकार लोगों की राज का सम्मान करे- राज ठाकरे

    उन्होंने कहा कि नासिक निवासी इस पेड़ की कटाई का कड़ा विरोध कर रहे हैं। मैं नासिक के लोगों से दृढ़ रहने का आग्रह करता हूं। साथ ही सरकार से आग्रह करता हूं कि वह इस मामले को और न बढ़ाए, तथा लोगों की राय का सम्मान करे। अगर सरकार टकराव का रुख अपनाती है, तो मनसे इस लड़ाई में लोगों के साथ है और हमेशा रहेगी।

    पेड़ों की कटाई हिंदुत्व के नाम पर भ्रष्टाचार- उद्धव ठाकरे

    एक दिन पहले ही राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए राज के चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था कि तपोवन वह जगह है, जहां माना जाता है कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास के दौरान निवास किया था। वहां पेड़ों की कटाई हिंदुत्व के नाम पर भ्रष्टाचार है। भाजपा का हिंदुत्व फर्जी है और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए पेड़ों को काटा जा रहा है।