नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने आंध्र प्रदेश के विभाजन के खिलाफ सीमांध्र क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन को स्वाभाविक बताया है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी नया राज्य बनता है, ऐसी भावनाएं होती ही हैं। शिंदे ने देश में कोई अन्य नया राज्य गठित करने की संभावना से भी इंकार किया है।

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एक पत्रकार वार्ता के दौरान गृह मंत्री ने कहा कि सरकार सीमांध्र के लोगों को विश्वास में लेने की हरसंभव कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि कि आखिरकार जहां कहीं भी किसी राज्य के दो टुकडे होते हैं, ऐसी भावनाएं होती ही हैं। यह स्वाभाविक है। कोई इनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। लेकिन हम उन्हें दिलासा देने की कोशिश करेंगे। शिंदे आंध्र प्रदेश का विभाजन कर पृथक तेलंगाना राज्य के गठन के केन्द्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बाद आंध्र प्रदेश के तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों में हो रहे प्रदर्शनों और 48 घंटे के बंद को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे।

केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ एकीकृत आंध्र के समर्थकों ने राजमार्ग जाम कर दिया और सीमांध्र समेत रायलसीमा क्षेत्रों में दुकानें, अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान और शैक्षिक संस्थान बंद करा दिए। देश के अन्य हिस्सों से पृथक राज्यों की मांगों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ऐसी मांगों पर कोई कदम उठाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने तेलंगाना पर विचार किया है। उसके अलावा कुछ नहीं।

गृह मंत्री ने इस बात से भी इंकार किया कि तेलंगाना के गठन के बाद वहां नक्सल समस्या बढेगी। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या वहां है, लेकिन आंध्र प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जिसने नक्सलियों से निपटने के मामले में उत्कृष्ट कार्य किया है। शिंदे ने यकीन जताया कि तेलंगाना के गठन के बाद भी नक्सलियों की गतिविधियां पूरी तरह बंद हो जाएंगी।

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