नई दिल्ली, एएनआइ। केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों ने देश में चलने वाली अपनी कैंटीन के लिए 400 से ज्यादा वेंडरों से खरीदे जाने वाले सभी ऑर्डरों पर रोक लगा दी है। देशभर में मौजूद इन कैंटीन से अर्द्धसैनिक बलों के करीब 50 लाख कर्मी और उनके परिवार सामान खरीदते हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से 13 फरवरी को घोषणा की गई थी कि ये कैंटीन एक जून से सिर्फ स्वदेशी उत्पादों की बिक्री करेगी ताकि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके। केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडारण निकाय ने हर तरह की सामग्री के ऑर्डर पर तत्काल प्रभाव से तब तक के लिए रोक लगा दी है जब तक कि गृह मंत्रालय स्वदेशी कंपनियों पर स्पष्टीकरण नहीं देता है।

केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडारण निकाय ने अपने आदेश में कहा, "हर तरह की सामग्री के ऑर्डर पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जा रही है, और जब तक गृह मंत्रालय से स्वदेशी कंपनियों और उत्पादों को लेकर निर्देश प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक यह रोक लगी रहेगी।"

सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को इसे लेकर सूचित किया जा चुका है। इसके अलावा जो ऑर्डर पहले किए जा चुके हैं और उनकी आपूर्ति होने वाली है उन्हें स्वीकार कर लिया जाएगा। वहीं जो ऑर्डर पहले किए जा चुके हैं उनकी डिलीवरी की प्रक्रिया फिलहाल शुरू नहीं हुई है उन्हें रद या स्थगित किया जा रहा है।

आदेश में आगे कहा गया है कि वर्तमान भंडारित माल को बेचने के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है और जो माल नहीं बिका है उसे आपूर्तिकर्ता को भी वापस नहीं लौटाया जा सकता है।

केंद्रीय पुलिस कैंटीन में वर्तमान में आपूर्ति के लिए 446 भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ को बताया, ‘स्वदेशी’ उत्पादों पर गृह मंत्रालय का आदेश जल्द आने की उम्मीद है। 

केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के कैंटीन पूरे देश में 1700 से अधिक केंद्रीय पुलिस कैंटीन का नेटवर्क चलाते हैं जिसमें किराना का सामान, कपड़े, उपहार सामग्री और वाहन एवं अन्य सामानों की बिक्री होती है। इनमें शराब की बिक्री नहीं होती।

Posted By: Neel Rajput

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