नई दिल्ली, एएनआइ: राष्ट्रपति अंगरक्षक दल की अश्वारोही रेजीमेंट में शामिल अश्व विराट 13 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गया। बुधवार को उसने अपनी आखिरी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लिया। राजपथ पर समारोह के समापन पर लौटने से पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विराट को विदाई दी। इस साल की शुरुआत में सेना दिवस के अवसर पर विराट को चीफ आफ आर्मी स्टाफ के प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया था।

'चार्जर' के रूप में विराट की विशिष्ट भूमिका

विराट पहला अश्व है जिसे असाधारण सेवा और क्षमताओं के लिए प्रशस्ति पत्र प्राप्त हुआ है। यह बेहद अनूठा और विशिष्ट है क्योंकि विराट राष्ट्रपति अंगरक्षक दल का पहला ऐसा अश्व है जिसे 'चार्जर' के रूप में उसकी विशिष्ट भूमिका के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया था। विराट को तीन साल की उम्र में हेमपुर (उत्तराखंड) स्थित रिमाउंट ट्रेनिंग स्कूल एंड डिपो से लाकर राष्ट्रपति अंगरक्षक दल में शामिल किया गया था। पिछले 13 साल से विराट कमांडेंट चार्जर के रूप में राष्ट्रपति के साथ गणतंत्र दिवस परेड में और विदेशी राष्ट्र प्रमुखों की अगवानी में शामिल होता रहा है।

अंगरक्षक दल के अस्तबल में रहेगा विराट

राष्ट्रपति अंगरक्षक दल ने गणतंत्र दिवस परेड के समापन के बाद विराट की सेवानिवृत्ति की घोषणा करते हुए कहा कि वह आखिरी सांस तक राष्ट्रपति अंगरक्षक दल के अस्तबल में बना रहेगा।

Edited By: Amit Singh