जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युद्धस्तर पर तैयारियों को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा नौटंकी करार दिए जाने पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने राहुल गांधी की टिप्पणी को जनता का अपमान बताते हुए कहा कि उनकी नौटंकी तो जनता ने कब की बंद कर दी है। यही कांग्रेस पहले वैक्सीन पर सवाल खड़ा कर रही थी, वैक्सीन को लेकर संदेह पैदा करने वालों में कांग्रेस के कई नेता शामिल है। बहुत देर से ही सही राहुल को वैक्सीन का महत्व तो समझ आया। यही राहुल पहले लाकडाउन का भी मजाक उड़ाते थे और बाद में इसकी पैरवी करने लगे। अब रोजाना भ्रम पैदा कर कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर कर रहे हैं। जावडेकर ने कहा कि मोदी सरकार इसी साल के अंत तक 100 करोड़ लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इसे पूरा करेगी।

प्रकाश जावडेकर ने राहुल गांधी के बयान को टूल किट की पुष्टि बताया। उनके अनुसार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने जिस भाषा और तर्क के सहारे लोगों में डर फैलाने की कोशिश की है वह टूलकिट का हिस्सा है। इसमें कांग्रेस ने रणनीति बनाई है कि कैसे विदेशी मीडिया का सहारा लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि खराब की जाए। जिस स्ट्रेन को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इंडियन वैरिएंट बताने से मना कर दिया उसे कांग्रेस के नेता इंडियन वैरिएंट और कुछ नेता मोदी वैरिएंट बताकर राजनीति को धार दे रहे हैं। राहुल उसी रणनीति को बढ़ाने के सिवा कुछ नहीं कर रहे हैं।

जनीतिक रोटी सेंकने की बजाय संवेदनशील होना चाहिए: जावडेकर

जावडेकर ने राहुल गांधी को मोदी सरकार की वैक्सीन नीति पर सवाल उठाने के पहले कांग्रेस शासित राज्यों में टीकाकरण की स्थिति का जायजा लेने की सलाह दी, जहां न सिर्फ बड़ी मात्रा में वैक्सीन की बर्बादी सामने आ रही है, बल्कि 18 से 44 साल के लोगों के लिए वैक्सीन खरीदने में भी ये पिछड़ रहे हैं। जावडेकर का कहना था कि राहुल गांधी को राजस्थान जाना चाहिए। वहां उन्हें पता लगेगा कि किस तरह से हर दिन दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। मोदी सरकार द्वारा भेजे गए वेंटिलेटर का इस्तेमाल तक नहीं किया गया और अस्पतालों में कुव्यवस्था के कारण चार-चार सौ लोगों की मौत हुई। यही हाल पंजाब का है। राहुल को आपदा में राजनीतिक रोटी सेंकने की बजाय संवेदनशील होना सीखना चाहिए।