नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। कोरोना संक्रमण के खिलाफ छिड़ी जंग में अग्रिम मोर्चे पर तैनात डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के बचाव के लिए पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) किट एक अहम हथियार बनी हुई है। हालांकि इसको पहनकर घंटों काम करना अब तक एक बड़ी चुनौती थी। इसे पहनने वाला पसीने से पूरी तरह तर-बतर हो जाता है। फिलहाल देश के तकनीकी विशेषज्ञों ने इस समस्या का रास्ता खोज लिया है। इसे लेकर एक ऐसा वेंटीलेशन सिस्टम विकसित किया है, जो पीपीई किट की एयर सील को सुनिश्चित करने के साथ उपयोगकर्ता को प्रत्येक सौ सेकेंड के अंतराल पर ताजा हवा भी प्रदान करता है।

केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) ने कई स्टार्टअप को इस काम में लगाया था। मंुबई के एक स्टार्टअप ने कोव-टेक वेंटीलेशन सिस्टम नाम की इस तकनीक को विकसित किया है। रिसर्च इनोवेशन इन्क्यूबेशन डिजाइन लेबोरेट्री (आरआइआइडीएल) के गौरांग शेट्टी ने मुताबिक कोव-टेक वेंटीलेशन सिस्टम को एक साधारण बेल्ट की तरह कमर में बाधा जा सकता है। इसके ऊपर पीपीई किट को पहना जाता है। यह वेंटीलेशन सिस्टम कोविड संक्रमित मरीजों के उपचार में लगे डाक्टरों और दूसरे स्वास्थ्य कर्मियों को काफी राहत पहंुचाने वाला है।

इस पूरे सिस्टम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि पीपीई किट पूरी तरह से एयर सील रहती है और पहनने वाले को प्रत्येक सौ सेकेंड के अंतराल पर ताजा हवा भी प्रदान करती है। डीएसटी के मुताबिक इस सिस्टम का इस्तेमाल पुणे के एक अस्पताल में शुरू हो गया है। साथ ही जून तक सभी अस्पतालों को इस सिस्टम से लैस करने की तैयारी है।