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'हम सब सत्ता परिवर्तन चाहते हैं, क्या गलत है?', प्रशांत भूषण के बयान पर सियासी बवाल; बीजेपी ने किया पलटवार

Published: Thu, 15 Oct 2026 09:55 PM (GMT+05:30)

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि सरकार देश में चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करती है, तो सत्ता परिवर्तन ...और पढ़ें

प्रशांत भूषण के बयान पर बीजेपी का पलटवार

प्रशांत भूषण के बयान पर बीजेपी का पलटवार

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर मौजूदा सरकार देश में चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करना लगातार जारी रखती है, तो सत्ता परिवर्तन पूरी तरह जायज होगा।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को सरकार बदलने की मांग करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है। उनके इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, बीजेपी ने इसे लेकर तीखा हमला बोला है।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा और सीजेपी नेता अभिजीत दिपके भी मौजूद थे। इस दौरान भूषण ने सरकार के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें इस आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों को केवल विपक्ष द्वारा सत्ता हथियाने की साजिश बताया जा रहा है।

'जरूर होगा सत्ता परिवर्तन'

सरकार की आलोचना करते हुए प्रशांत भूषण ने कहा, यह सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि यह पूरा अभियान विपक्ष द्वारा सत्ता बदलने की कोशिश है। हम तो केवल इस देश में चुनावी लोकतंत्र को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। यदि इस प्रकार की बर्बरता का दौर जारी रहा, तो निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन होगा।

हम सभी देश में बदलाव और सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। क्या इसमें कुछ भी गलत है? सरकार के खिलाफ असंतोष पैदा करना कोई अपराध नहीं है, और सत्ता बदलना हर नागरिक का मौलिक लोकतांत्रिक अधिकार है।

उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासन देश के चुनावी लोकतंत्र और नागरिकों के बुनियादी मौलिक अधिकारों को कमजोर करने में लगा हुआ है। भूषण ने कहा कि ऐसी सरकारें सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो देती हैं जो लोकतंत्र को कुचलने और नागरिकों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने पर आमादा हों।

SIR प्रक्रिया और CEC के खिलाफ विरोध

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सीजेपी और विपक्षी दल SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुखर होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने मीडिया कवरेज पर पाबंदियों और एक महिला पत्रकार के साथ हुए दुर्व्यवहार को लेकर कहा, हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पत्रकारों से उनके कैमरे छीने गए और उन्हें डराया-धमकाया गया कि यदि उन्होंने इस विरोध प्रदर्शन की कवरेज की, तो उनके उपकरण वापस नहीं किए जाएंगे।

बीजेपी ने किया पलटवार

प्रशांत भूषण के बयानों और सामने आए वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने जोरदार हमला बोला।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रदीप भंडारी ने एक पोस्ट में कहा, प्रशांत भूषण ने बिल्कुल साफ कर दिया है, हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। राहुल गांधी का पूरा इकोसिस्टम अराजक है। वे प्रत्यक्ष रूप से अराजकता का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि, देश की जनता इस अराजकता को करारा जवाब देगी और हराएगी। लोकतंत्र अंततः राहुल गांधी के इस एजेंडे को परास्त करेगा।