बिजनौर, जागरण संवाददाता। वेव ग्रुप की दो चीनी मिलों से पिछले पेराई सत्र का 62 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने की मांग को लेकर आजाद किसान यूनियन (आकियू) से जुड़े किसानों ने सोमवार को डीएम दफ्तर के सामने चिता सजाकर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछार की और दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें 50 से ज्यादा किसान घायल हो गए हैं जबकि 10 को हिरासत में लिया गया है।

उधर, लाठीचार्ज के दौरान गिरने से एसपी सिटी लक्ष्मी निवास भी घायल हो गए। जिले में वेव ग्रुप की बिजनौर एवं चांदपुर चीनी मिल पर किसानों का पिछले पेराई सत्र का करीब 62 करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। आकियू ने तीन फरवरी तक भुगतान न होने पर कलक्ट्रेट में आत्मदाह का एलान किया था। रविवार को प्रशासनिक अफसरों और किसान नेताओं के बीच वार्ता बेनतीजा रही। किसान सोमवार सुबह 11 कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम दफ्तर के सामने लकड़ी की चिता सजानी शुरू कर दी। लकडि़यां छीनने के प्रयास में पुलिस व किसानों में धक्का-मुक्की हुई। इसी बीच कुछ किसानों ने कई गर्म चादर एक जगह रखकर आग लगा दी।

पुलिस ने पानी की बौछार की तो किसान और भड़क गए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसान भी लकड़ियों से मुकाबला करने लगे। पुलिस ने किसानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा तो वे भाग निकले। बुजुर्ग किसानों को भी नहीं बख्शा। पुलिस ने यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. राजेंद्र सिंह समेत 10 किसान नेताओं को हिरासत में लिया और पुलिस लाइन ले आई।

संगठन के जिलाध्यक्ष बिरेंद्र सिंह का कहना है कि लाठीचार्ज में कोई 50 किसान घायल हुए हैं। दो किसानों की हड्डी टूटी है, जबकि 16 किसान लापता हैं। वेव ग्रुप की चीनी मिलों ने अभी तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं किया है।

मिल प्रबंधन और मालिक के खिलाफ मुकदमा पहले से ही दर्ज है। जिला प्रशासन लगातार चीनी मिलों के प्रबंधन पर बकाया गन्ना भुगतान का दबाव बनाए हुए है। आकियू से जुड़े किसानों ने कलक्ट्रेट में गैरकानूनी ढंग से आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर इस प्रयास को विफल कर दिया।

अटल कुमार राय, डीएम

Posted By: Ashu Singh

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