सुकमा, जेएनएन। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में 3 साल पहले हुई एक हत्या में साजिश रचने के मामले में पुलिस ने 6 आरोपितों को क्लीन चिट दे दी है। इनमें डीयू की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और जेएनयू की प्रोफेसर अर्चना प्रसाद शामिल हैं। साक्ष्य के अभाव में पुलिस ने इन्हें क्लीन चिट दी है। अब पुलिस न्यायालय में इस मामले से जुड़ा चालान पेश करेगी, जिसमें से इन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।

तोंगपाल थाने में दर्ज हत्या के मामले में चालान में दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर नंदिनी सुंदर और जेएनयू की प्रोफेसर अर्चना प्रसाद सहित 6 आरोपितों का नाम था। जांच के दौरान सबूत नही मिलने पर पुलिस ने इन्हें क्लीन चीट दे दी। 4 नवम्बर 2016 को तोंगपाल थाना क्षेत्र के ग्रामा नामापारा में सोमनाथ बघेल की हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी द्वारा हत्या का अपराध दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों प्रोफेसर्स सहित 5 लोगों के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला दर्ज किया था। उस वक्त दोनों प्रोफेसर्स रिसर्च के लिए बस्तर प्रवास पर थीं।

सोमनाथ टंगिया दलम के लीडर के रूप में जाने जाते थे, जिन्होंने माओवादियों के खिलाफ इस आंदोलन को खड़ा किया था। इस मामले में 5 नवंबर को तोंगपाल थाने में 15 माओवादियों के नामजद मामला दर्ज हुआ था। साथ ही इस मामले में प्रोफेसर नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद सहित 6 लोगों के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र रचने के लिए आईपीसी की धारा 120 (बी) के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद से ही विवेचना चल रही थी। इसी मामले को लेकर 11 दिसंबर 2018 को एएसपी आईपीएस शलभ सिन्हा की अध्यक्षता में एसआईटी जांच का आदेश जारी हुआ।

14 दिसंबर 2018 को इसकी डायरी एसआईटी को प्राप्त हुई। अब जो खबर निकल के आ रही हैं उसमें पुलिस जगदलपुर न्यायालय में जल्द ही चालान पेश करने वाली है और उस चालान में नंदिनी सुंदर, अर्चना प्रसाद सहित 6 लोगों के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने की वजह से उनका नाम इस केस से हटा दिया गया है। हालांकि इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख एएसपी शलभ सिन्हा इस मामले को लेकर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। उनका कहना है कि चालान पेश होने से पहले इस बारे में कुछ भी जानकारी नहीं दे सकते।

 

Posted By: Mangal Yadav

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