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चेन्नई(एएनआई)। जलीकट्टू पर प्रतिबंध के विरोध में चेन्नई से लेकर दिल्ली तक विरोध हो रहा है। हजारों की संख्या में जलीकट्टू के समर्थन में लोग मरीना बीच पर इकठ्ठा हुए। इसके अलावा दिल्ली में भी तमिलनाडु हाउस के बाहर जलीकट्टू समर्थकों ने इस त्यौहार को इजाजत देने की मांग की। जलीकट्टू मनाए जाने के समर्थन में पीएमके सांसद अंबुमणि रामदौस पीएम आवास के सामने धरने पर बैठे बाद में उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अंबुमणि रामदौस ने कहा कि वो मोदी जी से मिलना चाहते थे। लेकिन जब उन्हें नहीं मिलने दिया गया तो धरना देने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था।

पन्नीरसेल्वम ने अध्यादेश की मांग की

तमिलनाडु के सीएम ओ पन्नीरसेल्वम ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। पीएम ने कहा कि ये मामला न्यायालय के सामने लंबित है बावजूद इसके वो जलीकट्टू के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को समझते हैं। तमिलनाडु के सीएम ने पीएम से लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए अध्यादेश लाने की मांग की थी।

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जलीकट्टू के समर्थन में आए श्री श्री रविशंकर

जलीकट्टू पर आधायत्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा कि तमिलनाडु में पोंगल त्योहार दिवाली और होली से बड़ा होता है, और पोंगल का अनिवार्य हिस्सा जलीकट्टू है। तमिलनाडु के मशहूर अभिनेता विशाल ने कहा कि जनता विरोध नहीं कर रही है बल्कि जलीकट्टू के लिए लोगों का सड़कों पर उतरना क्रांति है।

जलीकट्टू के समर्थन में चेन्नई के मरीना बीच पर भारी भीड़ के बीच प्रदर्शनकारियों का साथ देने के लिए अभिनेता राघव लॉरेंस भी पहुंचे।

जलीकट्टू पर तकरार

तमिलनाडु के 31 कॉलेज गुरुवार को जलीकट्टू के समर्थन में बंद हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर राज्य को एक दिन बंद करने की मांग भी हो रही है। दिल्ली स्थित तमिलनाडु भवन के बाहर भी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम गुरूवार सुबह सात बजे दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे। वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक हटाने के लिए केंद्र सरकार से एक अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि मरीना बीच पर हो रहे प्रदर्शन वह दख़ल नहीं देगी।

चेन्नई हाइकोर्ट का हस्तक्षेप से इंकार

गौरतलब है कि बुधवार को चेन्नई हाईकोर्ट ने इस मसले पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही तमिलनाडु के इस पारंपरिक खेल जिसमें सांडों की भिडंत होती है उस पर प्रतिबंध लगा दिया था जिसका विरोध किया जा रहा है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की मुलाकात के बाद इस मुद्दे पर नतीजा क्या निकलता है।

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Posted By: Suchi Sinha

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