नई दिल्‍ली, एएनआइ। भारत और चीन के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी गतिरोध के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म वीबो (WEIBO) छोड़ दिया है। सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें आ रही है। बताया जा रहा है कि अकाउंट से पीएम मोदी का फोटो और सभी पोस्‍ट डिलीट कर दिए गए हैं। हाल ही में सुरक्षा के मुद्देनरज भारत सरकार ने चीन के 59 ऐप को प्रतिबंधित किया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे कि वीबो पर पीएम मोदी के अकाउंट का क्‍या होगा? अब इन लोगों को पीएम मोदी की ओर से जवाब मिल गया है। भारत और चीन के बीच लद्दाख में चल रहे गतिरोध के बीच भारतीय प्रधानमंत्री के द्वारा उठाया गया ये बड़ा कदम है।

पीएम मोदी ने कुछ साल पहले ही वीबो पर अकाउंट बनाया था। अब पीएम मोदी का वीबो अकाउंट खाली नजर आ रहा है। अब उसमें न ही पीएम मोदी की कोई फोटो है और न ही कोई पोस्‍ट। बताया जा रहा है कि अकाउंट की सारी पोस्‍ट डिलीट कर दी गई हैं। इससे पहले मोदी सरकार ने मंगलवार को ही टिकटॉक (TIKTOK) समेट 59 चाइनीज ऐप पर सुरक्षा की दृष्टि के मद्देनजर प्रतिबंध लगा दिया।

दरअसल, लद्दाख में चीन पीछे हटता नजर नहीं आ रहा है। एलएसी पर चीन ने अपने सौनिकों की बड़ी संख्‍या में तैनाती की है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर के पास एलएसी पर अपने 20 हजार से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। सैन्‍य सूत्रों ने बताया कि चीन के अड़ियल रवैये के चलते एलएसी पर गतिरोध को खत्‍म करना एक जटिल प्रक्रिया हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के वीबो अकाउंट से 244000 लोग जुड़े हुए थे, जिनमें बड़ी संख्‍या में चीन के लोग भी शामिल थे। भारत सरकार ने अब अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इधर, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि भारत देश की राजमार्ग परियोजनाओं में भी चीन की कंपनियों को हिस्सा लेने की इजाजत नहीं देगा। उन्होंने कहा कि चीनी कंपनियों को संयुक्त उद्यम के जरिए भी ऐसा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

चीन की यात्रा से पहले जुड़े थे वीबो से पीएम मोदी

पीएम मोदी ने मई 2015 में अपनी पहली आधिकारिक चीन यात्रा से पहले वीबो ज्‍वॉइन किया था। उन्होंने योग के बारे में बात करने और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को उनके जन्मदिन पर शुभकामना देने के लिए भी अकाउंट पर पोस्‍ट किए थे। एक तरीके से कहा जाए कि पीएम मोदी वीबो एप के जरिए चीनी जनता से जुड़े हुए थे, तो गलत नहीं होगा। अब पीएम मोदी के वीबो छोड़ने से चीन की जनता और राष्‍ट्रपति के सामने भारत के इरादे साफ हो गए हैं।

Posted By: Tilak Raj

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