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'क्रिटिकल मिनरल्स का हथियार की तरह हो रहा इस्तेमाल', चिनफिंग के सामने पीएम मोदी की दो टूक

Published: Sun, 13 Sep 2026 02:05 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में टेक्नोलॉजी और महत्वपूर्ण खनिजों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के खिलाफ चेतावनी दी।

दुर्लभ खनिजों को लेकर चिनफिंग के सामने पीएम मोदी की दो टूक। (फोटो- पीटीआई।)

दुर्लभ खनिजों को लेकर चिनफिंग के सामने पीएम मोदी की दो टूक। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी, खनिजों के हथियार उपयोग पर चेताया।

  2. ब्रिक्स में समावेशी टेक्नोलॉजी अपनाने पर जोर दिया।

  3. चीन की मौजूदगी में वैश्विक प्रगति बाधा पर चिंता जताई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों (critical minerals) के हथियार के तौर पर इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि टेक्नोलॉजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने (इनक्लूसिविटी) की जरूरत है।

ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन अपनी समापन टिप्पणी में पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों पर नियंत्रण बढ़ाने से देशों की साझा प्रगति में बाधा आ सकती है। पीएम मोदी ने ये बातें चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मौजूदगी में कहीं।

'हथियार की तरह हो रहा क्रिटिकल मिनरल्स का इस्तेमाल'

उन्होंने कहा, "इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क हमारे स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा। हमने नए और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड का प्रस्ताव रखा है। डिजिटल एग्रीकल्चर पर ब्रिक्स नेटवर्क किसानों के लिए नए मौके पैदा करेगा।"

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, "इस पहल के जरिए एआई, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की असल जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा। टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों का हथियार के तौर पर इस्तेमाल हमारी साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है। इसलिए, हमने टेक्नोलॉजी को अपनाने में सबको साथ लेकर चलने (इनक्लूसिविटी) पर जोर दिया है।"

'पूरी मानवता को होना चाहिए फायदा'

उन्होंने कहा, “ब्रिक्स की ताकत हमारी विविधता और सहयोग में है। भले ही हमारी परिस्थितियां अलग-अलग हों, लेकिन हम साथ मिलकर सहयोग के जरिए आगे बढ़ते हैं और मानवता के भले के लिए काम करते हैं। हमारी विविधता ही हमारी पहचान बनी रहे, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी तरक्की से पूरी मानवता को फायदा हो।”

दुर्लभ खनिजों पर है चीन का दबदबा

दिलचस्प बात यह है कि ये बातें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी में कही गईं। हालांकि प्रधानमंत्री ने किसी खास देश का नाम नहीं लिया, लेकिन इन बातों को बीजिंग के लिए एक संदेश के तौर पर देखा जा सकता है क्योंकि अहम खनिजों और रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिजों) की ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन का दबदबा है।

पिछले साल अमेरिका के साथ व्यापार बातचीत के दौरान चीन ने रेयर अर्थ और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी दूसरे मटीरियल के एक्सपोर्ट पर कड़े नियम लागू किए थे।

दुनिया भर में रेयर-अर्थ रिफाइनिंग के 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर चीन का कंट्रोल है। इससे उसे अहम टेक्नोलॉजी के मामले में बहुत ज्यादा ताकत मिलती है। चाहे वह ईवी और एआई डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले परमानेंट मैग्नेट हों या एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर के पार्ट्स।

'ब्रिक्स का सहयोग सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहे'

अपने भाषण में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने ब्रिक्स प्लेटफॉर्म के जरिए दोस्ती, पार्टनरशिप और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाया है। पीएम मोदी ने कहा, "हमने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि ब्रिक्स का सहयोग सिर्फ सरकारों तक ही सीमित न रहे। हम चाहते हैं कि हमारे उद्यमी, किसान, रिसर्चर, महिलाएं, युवा और आम नागरिक भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल हों।"

उन्होंने कहा, "मैं अपने निजी अनुभव से कह सकता हूं कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ देशों का भरोसा बढ़ा है, क्योंकि उनकी बात सुनी जाती है, उनके अनुभवों का सम्मान किया जाता है और समाधान सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उनके साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "ब्रिक्स की ताकत हमारी विविधता और सहयोग में है। भले ही हमारी परिस्थितियां अलग-अलग हों, लेकिन हम सहयोग के जरिए एक साथ आगे बढ़ते हैं और मानवता के लिए तरक्की करते हैं। हमारी विविधता हमारी पहचान बनी रहे, हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति से पूरी मानवता को फायदा हो।"

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