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पीएम मोदी ने की मेगा इंडिया AI इम्पैक्ट समिट की शुरुआत, दुनियाभर के राष्ट्राध्यक्ष हुए शामिल

By RAJEEV KUMAREdited By: Garima Singh
Published: Mon, 16 Feb 2026 06:45 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'एआई इंपैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया, जो शुक्रवार तक चलेगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा ...और पढ़ें

पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट का उद्घाटन किया

पीएम मोदी ने दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट का उद्घाटन किया

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संक्षेप में पढ़ें

राजीव कुमार, नई दिल्ली। नई दिल्ली में सोमवार से पांच दिवसीय आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के महाकुंभ की शुरुआत हो गई। इस एआइ इंपैक्ट समिट में दुनियाभर के नेता, स्टार्टअप, इनोवेटर और रिसर्चर हिस्सा लेने जा रहे हैं।

वर्ष 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी-20 समिट में भारत ने ग्लोबल साउथ यानी कि दुनिया के गरीब एवं विकासशील देशों को बराबर की वित्तीय सुविधा के लिए आवाज उठाई थी। इस बार भारत दुनिया के अमीर-गरीब सभी देशों को एआइ का लाभ सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी उठाने जा रहा है।

भारत की कोशिश है कि दुनिया में ऐसे लोकतांत्रिक एआइ का निर्माण किया जाए जो सबके लिए फायदेमंद और सुरक्षित हो। तभी एआइ इंपैक्ट समिट का मुख्य नारा 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' रखा गया है।

भारत ने एआइ संबंधी अपनी जो नीति बनाई है, उसका उद्देश्य भी एआइ का इस्तेमाल सबकी भलाई के लिए करना है और इस लाभ से कोई वंचित नहीं रह जाए, इसका भी ध्यान रखना है।

दुनिया की इस सबसे बड़ी एआइ इंपैक्ट

समिट के आयोजक इलेक्ट्रानिक्स एवं आइटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि हम दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि एआइ में जो कुछ भी हो, वह मानव के विकास के लिए हो और सबके लिए हो।

एआइ संसाधन सबके इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हों। भारत यह भी चाहता है कि भारत समेत सभी गरीब देशों के विकास के साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था पर एआइ का सकारात्मक प्रभाव पड़े। हालांकि अमेरिका, चीन जैसे देश अपना एआइ माडल लांच कर चुके हैं और फिलहाल दुनिया उनके माडल का ही अनुसरण कर रही है।

आइटी मंत्रालय का कहना है कि भारत दुनिया के लिए भरोसेमंद एआइ लाना चाहता है और ऐसा ही माडल हम इस समिट में लांच करने जा रहे हैं। एआइ जो जानकारी दे, उसके माध्यम का भी पता होना चाहिए। एआइ को लेकर दुनिया अभी सीखने की प्रक्रिया में है।

भारत में एआइ के सफल नेतृत्व की क्षमता: आल्टमैन

ओपन एआइ के सीईओ सैम आल्टमैन के मुताबिक, भारत में एआइ के सफल नेतृत्व की क्षमता है क्योंकि भारत अब सिर्फ एआइ का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है, बल्कि इस प्रणाली को विकसित करने वाला देश भी बन गया है।

इस एआइ समिट में भारत अपने एआइ माडल का भी एलान करने वाला है और यह माडल शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, पर्यावरण, नारी विकास, कृषि, उद्योग जैसे क्षेत्रों को मुख्य रूप से ध्यान में रखकर बनाया गया है।

एआइ एक दोधारी तलवार की तरह: अजय सूद

भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने सोमवार को एआइ से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा कि एआइ एक दोधारी तलवार की तरह है।

सरकार का काम है कि एआइ से जुड़े सकारात्मक अवसर वाली धार को तेज करे और इससे होने वाले नुकसान की धार को कुंद कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि हम अभी यह नहीं जानते कि एआइ का लंबे समय में क्या परिणाम होगा, खासकर आने वाले समय में हमारे बच्चों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

देश-विदेश के 2.5 लाख लोगों ने कराया पंजीयन

अगले चार दिनों तक 100 से अधिक देशों की बड़ी कंपनियों से लेकर विभिन्न सेक्टरों की सैकड़ों कंपनियां इस एआइ समिट में भाग ले रही हैं। देश-विदेश के 2.5 लाख से अधिक लोग एआइ समिट में आने के लिए अपना पंजीयन करा चुके हैं।

ओपन एआइ के सीईओ सैम आल्टमैन, मेटा के मुख्य एआइ वैज्ञानिक यान लेकुन,माइक्रोसाफ्ट के प्रसिडेंट ब्रैड स्मिथ, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, माइक्रोसाफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स जैसे कई टेक दिग्गज इस समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आ चुके हैं या आने वाले हैं।

पीएम ने किया इंडिया एआइ इंपैक्ट एक्सपो का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इंडिया एआइ इंपैक्ट एक्सपो का उद्घाटन किया। इसमें अत्यधिक क्षमता वाले 600 से अधिक स्टार्टअप्स और 13 देशों के पेवेलियन शामिल हैं जो एआइ ईकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय सहयोग दिखा रहे हैं।

मोदी ने अलग-अलग स्टाल्स का दौरा किया और एक्सपो में हिस्सा लेने वाली कंपनियों और स्टार्टअप से बात की। उन्हें कंपनी के प्रतिनिधियों से सवाल पूछते हुए देखा गया। प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए अलग-अलग स्टाल्स पर कई मिनट बिताए।